Amarnath Yatra 2022: मौसम खराब होने पर आधार शिविरों में रोकी जा सकेगी तीन दिन की यात्रा, सेना ने भी तैयार किए हैं 1800 टेंट
लखनपुर से लेकर कश्मीर में आधार शिविरों में 1.30 लाख अमरनाथ यात्रियों को रोकने के प्रबंध किए गए हैं। इसमें कश्मीर के आधार शिविरों को छोड़कर अनंतनाग जिले में आठ हजार, जम्मू में यात्री निवास में 1600-1800, कठुआ में पांच हजार, सांबा में आठ हजार यात्रियों के ठहरने के प्रबंध किए गए हैं।
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दो साल बाद 30 जून से हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए आधार कैंपों में टेंट सिटी बनकर तैयार है। मौसम खराब होने की स्थिति में आधार शिविरों में तीन दिन की यात्रा रोकी जा सकेगी। यानी तीन दिन की यात्रा से जुड़े श्रद्धालुओं को रहने, खाने-पीने में किसी प्रकार की दिक्कत सामने नहीं आएगी। पूरे श्राइन क्षेत्र में 70 हजार से अधिक यात्रियों के ठहरने का प्रबंध किया गया है।
आधार शिविरों में 1.30 लाख अमरनाथ यात्रियों को रोकने के प्रबंध
श्राइन बोर्ड से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि लखनपुर से लेकर कश्मीर में आधार शिविरों में 1.30 लाख अमरनाथ यात्रियों को रोकने के प्रबंध किए गए हैं। इसमें कश्मीर के आधार शिविरों को छोड़कर अनंतनाग जिले में आठ हजार, जम्मू में यात्री निवास में 1600-1800, कठुआ में पांच हजार, सांबा में आठ हजार यात्रियों के ठहरने के प्रबंध किए गए हैं।
बालटाल आधार शिविर में 1200 टेंट तैयार
श्री अमरनाथ तीर्थयात्रियों के लिए बालटाल आधार शिविर में टेंट लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। शिविर निदेशक एनएस जामवाल ने बताया कि सोनमर्ग के बालटाल में पहले से ही करीब 1200 टेंट तैयार हैं। सेना, जिला प्रशासन और श्राइन बोर्ड की मदद से अब 500 टेंट और लगाए जा रहे हैं। इनमें से प्रत्येक टेंट में 10 लोग रह सकते हैं। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहा है।
प्रत्येक टेंट में 10 से 12 यात्री रुक सकते हैं
रामबन जिले के चंद्रकोट में नवनिर्मित यात्री निवास में 3200 श्रद्धालुओं को ठहराने के प्रबंध किए गए हैं। पहले लगभग 60 हजार यात्रियों को ठहराने की क्षमता थी। सूत्रों ने बताया कि सेना ने भी अमरनाथ यात्रियों के लिए बेस कैंप में प्रबंध किए हैं। लगभग 1800 टेंट सेना ने तैयार किए हैं। प्रत्येक टेंट में 10 से 12 यात्री रुक सकते हैं।
प्री पेड बूथ से ही मिलेंगे पिट्ठू, घोड़े वाले
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रियों को ओवर चार्ज से बचाने के लिए इस बार प्री पेड बूथ की व्यवस्था की है। इन बूथों से निर्धारित दर पर पिट्ठू, घोड़े वाले मिलेंगे। बिना प्री पेड बूथ के इन सेवाओं को नहीं लिया जा सकता है। बोर्ड प्रशासन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को अधिक राशि का भुगतान नहीं करना होगा।
हेलिपैड भी नए बनाए गए
श्राइन बोर्ड प्रशासन ने बताया कि श्रीनगर से इस बार शुरू की गई हेलिकॉप्टर सेवा के लिए हुमहामा में हेलीपैड बनाया गया है। इसके अलावा पहलगाम व नीलग्राथ में दो-दो नए हेलीपैड बनाए गए हैं। आपातकालीन हेलीपैड भी तैयार किए गए हैं। श्रीनगर से हेलिकॉप्टर सुविधा से अब यात्रियों को एक ही दिन में बाबा बर्फानी के दर्शन हो सकेंगे।
बालटाल से दोमेल तक 15 बैटरी कार
इस बार बालटाल से दोमेल तक श्रद्धालुओं को बैटरी कार सुविधा भी मिलेगी। यह सुविधा मुफ्त में होगी। इसके लिए 15 बैटरी कार होंगी। बैटरी कार बुजुर्गों, बीमारों और अशक्तों को मिलेगी। साधुओं की यात्रा बिल्कुल मुफ्त होगी।
टेंट सिटी की क्षमता
- नुनवान 8000
- शेषनाग 13000
- पंजतरणी 23000
- बालटाल 25000
- पवित्र गुफा 1500
अमरनाथ यात्रा की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। बाबा भोले के भक्तों को प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर कश्मीर में आधार शिविर व पवित्र गुफा तक किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। इस बार यात्रियों को ठहराने की क्षमता में लगभग दोगुना बढ़ोतरी की गई है। मौसम खराब होने की स्थिति में तीन दिन की यात्रा रोकने के प्रबंध किए गए हैं। - नीतीश्वर कुमार, सीईओ-श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड