हमारा अपना अभियान है ‘हिंदी हैं हम’ बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी आएं आगे
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देश की मातृभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार की हर पहल महत्वपूर्ण है। अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ को भी जानकार कई मायनों में अहम बता रहे हैं। साहित्य और रंगमंच से जुड़े लोगों के अनुसार यह पहल जन-जन तक पहुंचे, इसके लिए बच्चों, युवाओं से लेकर बुजुर्गों को इससे जुड़ना चाहिए। यह साझा संकल्प है, जिसमें हर वर्ग को शामिल होकर सार्थक बनाना चाहिए।
अमर उजाला ने हमेशा से हिंदी को बढ़ावा देने का काम किया है। ‘हिंदी हैं हम’ से गर्व की अनुभूति होती है। इस अभियान की सफलता के लिए हमारी शुभकामनाएं हैं। 14 सितंबर को हिंदी दिवस है, ऐसे में अमर उजाला का यह अभियान कई मायनों में महत्वपूर्ण है।-जितेंद्र उधमपुरी, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार
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हिंदी हमारी मातृ भाषा है जिस पर हमें गर्व है। हिंदी भाषा का साहित्य सर्वश्रेष्ठ है। हिंदी को लेकर रुचि जगाने में हिंदी समाचार पत्रों का बड़ा योगदान रहा है। जम्मू-कश्मीर में हिंदी को बढ़ावा देने में अमर उजाला महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है।-मोहम्मद यासीन, लेखक (जम्मू)
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हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला हमेशा से प्रयास करता आ रहा है। हिंदी हैं हम अभियान इसका उदाहरण है। मातृ भाषा को बढ़ावा देने के अभियान में सभी को कर्तव्य का पालन करना चाहिए। बच्चों, युवाओं से लेकर बुजुर्गों को अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।-सुरेश कुमार, थियेटर कलाकार (जम्मू)
हिंदी भाषा हमारी पहचान है। सभी को अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए। आज के दौर में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए काम करने की जरूरत है। अमर उजाला का ‘हिंदी हैं हम’ अभियान इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है। इसमें हर वर्ग को जोड़ने की बात है, जो हिंदी को बढ़ावा देने का काम करेगा।- पवन वर्मा, लेखक (जम्मू)
हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। जिन राज्यों में पहले हिंदी का प्रयोग नहीं होता था, वहां पर भी अब हिंदी बोली जाने लगी है। भाषा को बढ़ावा देना चाहिए। विदेशी भाषाओं के वर्चस्व के बीच हिंदी को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। देश की आजादी के बाद हिंदी का काफी विकास हुआ है। हिंदी लोगों को जोड़ने का माध्यम है।-इंद्रजीत केसर, लेखक (जम्मू)
अगर भारत देश को समझना है तो हिंदी को जानना जरूरी है। हिंदी राष्ट्र की भाषा होने के नाते हमारा दायित्व है कि हम हिंदी को जानें। हिंदी में वृहद साहित्य है। अगर हम हिंदी को नहीं जानते हैं तो इस साहित्य को जानने और समझने से वंचित रह जाएंगे। हिंदी हमें प्राचीन इतिहास को जानने का मौका भी देती है।-पूर्ण चंद, लेखक (जम्मू)
हिंदी हमारी मातृ भाषा है और सभी को इस पर गर्व होना चाहिए। भाषा को बढ़ावा देने के लिए जरूरत है, ‘हिंदी हैं हम’ अभियान से जुड़कर भाषा के प्रति दायित्व को निभाया जा सकता है। इसमें बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है। हमें हिंदी को बढ़ावा देने वाले अभियान उन क्षेत्रों और राज्यों में शुरू करने चाहिए जहां पर इनकी सबसे अधिक जरूरत है।-मोहन सिंह, लेखक (जम्मू)