{"_id":"62cd4ee7378de155646aa739","slug":"amar-ujala-health-campaign-now-take-precautionary-dose-in-6-months-only-vaccine-can-be-safe-know-what-experts-of-jammu-said","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: अब एहतियाती खुराक 6 माह में लें, टीके से ही रह सकते हैं सुरक्षित, जानें क्या बोले जम्मू के विशेषज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: अब एहतियाती खुराक 6 माह में लें, टीके से ही रह सकते हैं सुरक्षित, जानें क्या बोले जम्मू के विशेषज्ञ
Tue, 12 Jul 2022 04:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 12 Jul 2022 04:07 PM IST
सार
जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएटेड प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि कोविड को अभी भी गंभीरता से लेने की जरूरत है। एहतियाती खुराक लेना जरूरी है, ताकि वे आपको संक्रमण से सुरक्षित रख सके। एहतियाती खुराक के लिए सरकार ने सभी उचित इंतजाम किए हैं।
विज्ञापन
वाराणसी में बच्चों का टीकाकरण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में कोविड गया नहीं है। केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के हिसाब से दैनिक कोविड मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। ऐसे में हमें लापरवाही न बरत कर सचेत रहने की जरूरत है। खासतौर पर टीकाकरण को गंभीरता से लेना जरूरी है। टीके की खुराक लेकर ही हम कोविड से सुरक्षित रह सकते हैं। यह कहना है कोविड विशेषज्ञों का।
एनएचएम के संभागीय नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण योगराज का कहना है कि नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप आफ एम्यूनाइजेशन की अनुंशसा के बाद दूसरे डोज और बूस्टर (एहतियाती) डोज के बीच के अंतराल को 9 महीने से घटाकर अब 6 महीने कर दिया गया है। ऐसे में सभी लोगों को एहतियाती टीके की खुराक को लेना जरूरी है। 18 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के लोग अब 6 माह में एहतियाती खुराक ले सकते हैं। निजी स्वास्थ्य संस्थानों में एहतियाती टीके की खुराक निर्धारित दरों पर उपलब्ध है। एहतियाती खुराक उसी वैक्सीन की होगी जो पहली और दूसरी खुराक में ली गई हो।
टीकाकरण संक्रमण से सुरक्षित रखेगा
जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएटेड प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि कोविड को अभी भी गंभीरता से लेने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर में संक्रमित मामलों में फिर बढ़ोतरी हुई है। पिछली खुराक लिए हुए काफी समय हो गया है। ऐसे में एहतियाती खुराक लेना जरूरी है, ताकि वे आपको संक्रमण से सुरक्षित रख सके। एहतियाती खुराक के लिए सरकार ने सभी उचित इंतजाम किए हैं। इसमें सामान्य दरों पर एहतियाती खुराक निजी संस्थानों में उपलब्ध करवाई जा रही है।
विज्ञापन
संक्रमण मामलों में हो रही बढ़ोतरी
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग और टीकाकरण जम्मू-कश्मीर के निदेशक डीजी डॉ. सलीम उर रहमान का कहना है कि जम्मू कश्मीर में कोविड को लेकर हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी को हमें गंभीरता से लेना चाहिए। खासतौर पर जिन लोगों की एहतियाती खुराक बची हुई है, उन्हें जल्द लेनी चाहिए, ताकि संक्रमण से सुरक्षा पुख्ता हो सके। एहतियाती खुराक से ही कोविड पर काबू पाया जा सकता है।
जागरूकता को बढ़ावा दिया
गैर सरकारी संगठन पीरहीरा नाथ जी मंडली के संचालक लवली मेहरा का कहना है कि उनके संगठन ने समय-समय पर कोविड और टीकाकरण को लेकर जागरूकता को बढ़ावा दिया। टीकाकरण से ही जम्मू-कश्मीर में कोविड पर नियंत्रण पाने में सफलता मिली है।
स्कूली बच्चों को दिलाई टीके की खुराक
दीवान देवी हायर सेकेंडरी स्कूल के चेयरमैन व शिक्षा विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक सुभाष चंद्र सूरी का कहना है कि स्कूल प्रशासन की ओर से बच्चों और अभिभावकों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया गया। स्कूल के सभी बच्चों को टीके की खुराक देकर संक्रमण से सुरक्षित बनाया है। अभिभावकों को भी एहतियाती खुराक के लिए कहा जाता रहा है, ताकि उनके बच्चे भी सुरक्षित हों।
विज्ञापन
एनएचएम के संभागीय नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण योगराज का कहना है कि नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप आफ एम्यूनाइजेशन की अनुंशसा के बाद दूसरे डोज और बूस्टर (एहतियाती) डोज के बीच के अंतराल को 9 महीने से घटाकर अब 6 महीने कर दिया गया है। ऐसे में सभी लोगों को एहतियाती टीके की खुराक को लेना जरूरी है। 18 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के लोग अब 6 माह में एहतियाती खुराक ले सकते हैं। निजी स्वास्थ्य संस्थानों में एहतियाती टीके की खुराक निर्धारित दरों पर उपलब्ध है। एहतियाती खुराक उसी वैक्सीन की होगी जो पहली और दूसरी खुराक में ली गई हो।
विज्ञापन
टीकाकरण संक्रमण से सुरक्षित रखेगा
जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएटेड प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि कोविड को अभी भी गंभीरता से लेने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर में संक्रमित मामलों में फिर बढ़ोतरी हुई है। पिछली खुराक लिए हुए काफी समय हो गया है। ऐसे में एहतियाती खुराक लेना जरूरी है, ताकि वे आपको संक्रमण से सुरक्षित रख सके। एहतियाती खुराक के लिए सरकार ने सभी उचित इंतजाम किए हैं। इसमें सामान्य दरों पर एहतियाती खुराक निजी संस्थानों में उपलब्ध करवाई जा रही है।
विज्ञापन
संक्रमण मामलों में हो रही बढ़ोतरी
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग और टीकाकरण जम्मू-कश्मीर के निदेशक डीजी डॉ. सलीम उर रहमान का कहना है कि जम्मू कश्मीर में कोविड को लेकर हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी को हमें गंभीरता से लेना चाहिए। खासतौर पर जिन लोगों की एहतियाती खुराक बची हुई है, उन्हें जल्द लेनी चाहिए, ताकि संक्रमण से सुरक्षा पुख्ता हो सके। एहतियाती खुराक से ही कोविड पर काबू पाया जा सकता है।
जागरूकता को बढ़ावा दिया
गैर सरकारी संगठन पीरहीरा नाथ जी मंडली के संचालक लवली मेहरा का कहना है कि उनके संगठन ने समय-समय पर कोविड और टीकाकरण को लेकर जागरूकता को बढ़ावा दिया। टीकाकरण से ही जम्मू-कश्मीर में कोविड पर नियंत्रण पाने में सफलता मिली है।
स्कूली बच्चों को दिलाई टीके की खुराक
दीवान देवी हायर सेकेंडरी स्कूल के चेयरमैन व शिक्षा विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक सुभाष चंद्र सूरी का कहना है कि स्कूल प्रशासन की ओर से बच्चों और अभिभावकों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया गया। स्कूल के सभी बच्चों को टीके की खुराक देकर संक्रमण से सुरक्षित बनाया है। अभिभावकों को भी एहतियाती खुराक के लिए कहा जाता रहा है, ताकि उनके बच्चे भी सुरक्षित हों।