पीडीपी और नेकां पर बरसे बुखारी: बोले- साथ में सत्ता का सुख भोगने वाले हमें भाजपा की बी-टीम बताते हैं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 01 Aug 2021 05:10 PM IST

सार

जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी(जेकेएपी) के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस पर हमला बोला है। जेकेएपी को भाजपा की बी-टीम बताए जाने से बिफरे अल्ताफ ने दोनों पार्टियों को अतीत की याद दिलाई है।
अल्ताफ बुखारी, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती
अल्ताफ बुखारी, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी(जेकेएपी) भाजपा की बी-टीम नहीं है। यह एक ऐसा संगठन है जिसमें वंशवाद का कोई इतिहास नहीं है। यह जवाब अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) और पीडीपी को दिया है। बता दें कि अपनी पार्टी पर नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने भाजपा की बी-टीम होने का आरोप लगाया है।
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अल्ताफ बुखारी ने कहा कि जब बी-टीम जैसे शब्द गढ़े गए, तो मैं बस हंसा था। नेशनल कांफ्रेंस ने 1999 से भाजपा के साथ सत्ता का आनंद लिया था। पीडीपी ने 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के साथ गठबंधन किया था। ऐसे लोग अपनी पार्टी को भाजपा की बी-टीम कहते हैं। 


बुखारी ने नेकां के साथ-साथ पीडीपी पर भी कटाक्ष किया और कहा कि ऐसा लगता है कि ये पार्टियां दिल्ली में लोगों से मिलने के लिए अपने परिवार के सदस्यों के अलावा किसी को पसंद नहीं करती हैं। यह विडंबना है कि जिस पार्टी को दिल्ली से कोई लाभ नहीं मिला है, उसे बी-टीम कहा जाता है। जिन्होंने भाजपा के सौजन्य से सत्ता का लाभ उठाया, वे हमें बी-टीम कहते हैं। लोगों को वास्तव में ऐसे नेताओं को बेनकाब करना होगा  जो सिर्फ सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए हैं। साथ ही राजनीति में नए लोगों के बारे में संदेह पैदा करना चाहते हैं।

बुखारी ने कहा हम सभी जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य में बदली हुई वास्तविकताओं के साथ उभरने की कोशिश कर रहे हैं। सिर्फ इसलिए कि मैं दिल्ली गया और जेलों से लोगों की रिहाई पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री से मिला। जब अल्ताफ बुखारी जैसा कोई प्रधानमंत्री से मिलता है, तो वह दिल्ली का एजेंट बन जाता है। 

स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान जेकेएपी के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए बुखारी ने कहा कि सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण मैं इसे निराशाजनक प्रदर्शन के रूप में नहीं मानता। जिला विकास परिषद के लिए एक चुनाव था। मैंने 12 सीटें प्रत्यक्ष और 22 परोक्ष रूप से जीतीं। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को बहाल नहीं किया जाता है, तब तक हमारे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता है। यदि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने से पहले चुनाव होते हैं, तो हम उस बलिदान को भी करने से नहीं कतराएंगे।

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