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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाले भत्ते सरकार ने किए बंद, मुफ्त आवासीय सुविधा रहेगी जारी

Wed, 01 Apr 2020 11:01 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Mohit Mudgal Updated Wed, 01 Apr 2020 11:01 PM IST
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Allowances given to former Chief Ministers of Jammu and Kashmir closed, free housing facility will continue
गृह मंत्रालय - फोटो : ANI

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (राज्य कानूनों का अनुकूलन) आदेश 2020 जारी करने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्रियों की सभी प्रकार की सुविधाएं खत्म हो गई हैं। सरकारी गजट के अनुसार केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य विधानसभा सदस्य पेंशन एक्ट में संशोधन करते हुए पेंशन की राशि 25 हजार रुपये बढ़ा दी है। अब उन्हें 50 हजार की जगह 75 हजार रुपये पेंशन के तौर पर मिलेंगे।

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एक्ट के सेक्शन 3-सी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का जिक्र है, उन्हें हटा दिया गया है। अब उन्हें मुफ्त आवासीय सुविधा भी नहीं मिलेगी। पूर्व मुख्यमंत्री अब 35 हजार रुपये सालाना आवास की साज-सज्जा, 48 हजार रुपये सालाना तक मुफ्त टेलीफोन सुविधा, 1500 रुपये महीने तक बिजली खर्च, कार, पेट्रोल, चिकित्सा सुविधा, ड्राइवर तथा वैयक्तिक सहायक की सुविधा भी नहीं ले सकेंगे। जम्मू-कश्मीर के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. फारूक अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को केंद्र सरकार से सुरक्षा प्राप्त है।
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सीएम के परिवार को नहीं मिलेगी सुरक्षा
मुख्यमंत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए गठित स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (एसएसजी) से जुड़े कानून में भी बदलाव किया गया है। नए कानून के अनुसार मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा नहीं मिलेगी।
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विस्थापितों की अचल संपत्तियों का ब्योरा तैयार होगा
जम्मू-कश्मीर माइग्रेंट अचल संपत्ति (संरक्षण, सुरक्षा व जबरन बिक्री) एक्ट में भी संशोधन किया गया है। यह प्रावधान किया गया कि सक्षम अधिकारी माइग्रेंट की अचल संपत्तियों का ब्योरा तय फार्मेट में तैयार करें। साथ ही इन संपत्तियों से अनधिकृत कब्जे हटाए जाएं। इस एक्ट के सेक्शन 5 में कहा गया है कि यदि कब्जाधारक कब्जा छोड़ने से इनकार करता है या कब्जा नहीं छोड़ता है तो उसके खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई की जाए।

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