'सभी दलों ने चुनाव कराने पर भरी हामी'
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रियासत के दौरे पर आई चुनाव आयोग की टीम से विभिन्न राजनीतिक दलों के नुमाइंदों ने मुलाकात कर राज्य में समय पर चुनाव कराने की मांग की। सरकार में शामिल कांग्रेस सहित भाजपा, पीडीपी, सीपीआई एवं सीपीएम के नुमाइंदों ने कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल रखने के लिए समय पर चुनाव होना जरूरी है।
सत्ताधारी दल नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने बाढ़ के बाद उत्पन्न स्थितियों के मद्देनजर फिलहाल चुनाव टालने की वकालत की। शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत के नेतृत्व में आयोग की टीम सुबह पौने दस बजे पहुंची। सबसे पहले सीपीआई के नेता एआर ककरू और सीपीएम विधायक मो. यूसूफ तारीगामी मिले।
उन्होंने समय पर चुनाव कराने पर हामी भरी। इसके बाद भाजपा के महासचिव बाली भगत और राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने मुलाकात कर तय समय पर चुनाव कराने को कहा। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि चुनाव न होने की स्थिति में राज्यपाल शासन लग जाएगा। यह स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत होगा।
सरकार की प्राथमिकता राहत तथा पुनर्वास
राज्य के पर्यटन मंत्री तथा कांग्रेस नेता जीए मीर, समाज कल्याण बोर्ड की चेयरपर्सन हेमलता, एमएलसी गुलाम नबी मोगा ने भी कहा कि पार्टी चुनाव के लिए तैयार है। तय समय पर ही चुनाव होने चाहिए। विपक्षी पार्टी पीडीपी के एमएलसी नईम अख्तर, महासचिव दिलावर मीर तथा डा. हसीब ने मिलकर अवाम चाहती है कि समय पर चुनाव हों।
सत्ता पक्ष हार के डर से चुनाव से भागना चाहती है। उधर, नेशनल कांफ्रेंस की ओर से ग्रामीण विकास मंत्री अली मोहम्मद सागर, जम्मू संभाग के पार्टी अध्यक्ष देवेंद्र राणा तथा कश्मीर संभाग के अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने कहा कि पिछले दिनों आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है।
फिलहाल सरकार की प्राथमिकता राहत तथा पुनर्वास कार्यों को त्वरित गति से अंजाम देने की है। चुनाव से इन कार्यों पर असर पड़ेगा। लिहाजा चुनाव टाल दिया जाए। संपत ने राजनीतिक दलों के नुमाइंदे को आश्वस्त किया कि उनकी बातों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।