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कश्मीर आपदा: केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा

Tue, 31 Mar 2015 12:12 AM IST
Updated Tue, 31 Mar 2015 12:12 AM IST
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कश्मीर घाटी में भारी बारिश के चलते आई बाढ़ पर केंद्र और राज्य सरकार की भी नजर है। राज्य की गठबंधन के कई मंत्री रविवार से ही श्रीनगर में डेरा जमाए रहे। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पट्टन इलाके के कई गांवों में स्थिति का जायजा लिया।

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उनके साथ सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री सुखनंदन कुमार और टेक्निकल एजुकेशन एवं यूथ सर्विसेज स्पोर्ट्स मंत्री इमरान रजा अंसारी थे। नकवी ने केंद्र की ओर से भरपूर सहायता का आश्वासन दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें स्वयं घाटी में स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा है।
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सुखनंदन ने सुबह दस बजे श्रीनगर के राम मुंशीबाग इलाके में बने हाइड्रोलिक गेट का भी दौरा किया। यहां उन्होंने जल स्तर का अनुमान लगाया। उन्हें बताया गया कि जलस्तर में कमी आ रही है। इसके बावजूद प्रशासन सतर्क है। सेना को भी अलर्ट रहने को कहा गया है।
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उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सेना की मदद ली जा सकती है। मंत्री ने जानकारी दी कि तकरीबन 60,000 रेत के बैग बांटे गए हैं। अभी भी विभाग के पास 10,000 बैग तैयार हैं। उन्होंने बताया कि उत्तरी, दक्षिणी और मध्य कश्मीर में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। सहायता के लिए वहां संपर्क किया जा सकता है।

लाल चौक पर व्यापारियों से मिले मुख्यमंत्री

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जल निकासी की व्यवस्था के विफल होने के बाद लाल चौक स्थित दुकानों में बारिश का पानी भर चुका था। इसी का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद सोमवार को लाल चौक पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि सरकार की तरफ से व्यापारियों की पूरी सहायता की जाएगी।

दौरे के दौरान वित्तमंत्री हसीब द्राबू, पब्लिक वर्कर्स मिनिस्टर सईद अल्ताफ बुखारी, एमओएस मोहम्मद अशरफ मीर और डीसी कश्मीर मौजूद थे। हालात का पूरा जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से कहा कि सरकार की तरफ से जलभराव रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से व्यापारियों की पूरी सहायता की जाएगी। अगले महीने बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता व पुनर्वास के लिए तीन चरणों में राहत राशि बांटी जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने रविवार को हवाई निरीक्षण करके हालात का जायजा लिया था।

हालात का जायजा लेने पहुंचे उमर

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पूर्व मुख्यमंत्री और बीरवाह से मौजूदा विधायक उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र बीरवाह समेत श्रीनगर के कई इलाकों का दौरा किया और बाढ़ जैसे हालातों का जायजा लिया। उमर बीरवाह और मागाम के कई इलाकों में गए। यहां स्थानीय लोगों ने भारी बारिश से पैदा हुई स्थिति की जानकारी दी।

उमर ने स्थानीय जिला प्रशासन को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। श्रीनगर में के प्रभावित इलाकों में जाकर उन्होंने लोगों की मुश्किलें जानीं। यहां उन्हें बताया गया कि प्रशासन ने उनकी कोई सुध नहीं ली है।

उमर ने कहा कि सरकार को चाहिए कि झेलम समेत अन्य नदियों के बांधों का जायजा समय-समय पर लिया जाना चाहिए, खासकर उन जगह जहां पिछले साल बाढ़ के चलते काटा गया था।

उन्होंने मौजूदा सरकार को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिलाते हुए कहा कि जिस तरह से सितंबर में बाढ़ पर पीडीपी ने सियासत की थी, इस तरह की राजनीति नेकां नहीं करेगी।

राज्यपाल घाटी पहुंचे, बाढ़ की स्थिति पूछी

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राज्यपाल एनएन वोहरा सोमवार को श्रीनगर पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से बात की और बाढ़ की मौजूदा स्थिति के बारे जानकारी मांगी। मुफ्ती ने राज्यपाल को बताया कि बाढ़ से निपटने को पूरी तैयारी की गई है। राहत टीमें तैनात की गई हैं। फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

लोगों को किसी प्रकार से डरने की आवश्यकता नहीं है। राज्यपाल आज गुलमर्ग में होने वाली यंग इनवेस्टिगेटर बैठक में शिरकत करेंगे। इस बैठक में देशभर के 120 वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे। यूएसए, यूके, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, स्वीडन, फिनलैंड और आस्ट्रेलिया से वैज्ञानिक आएंगे।

लादेन हादसे पर जताया शोक
बडगाम जिले के लादेन गांव में भूस्खलन में हुई लोगों की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बिना कोई देर किए मृतकों के घरवालों और घायलों को मुआवजा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को बडगाम जिले के कई इलाकों में भी सतर्क रहने की आवश्यकता है, जहां से जमीन खिसकने की खबरें मिल रही हैं ताकि और जानोमाल का नुकसान न हो। अगर कहीं खतरा है तो वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाना चाहिए।

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