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Jammu News: कंडी के गांवों में मवेशियों में मुंहखोर रोग से किसान परेशान
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- पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर दे रहीं वैक्सीन
- डाॅक्टर की सलाह बीमार पशुओं को चरने के लिए न छोड़ें
संवाद न्यूज एजेंसी
विजयपुर। कंडी क्षेत्र के गांव राया, सुचानी, वगुना, पाटी, नथवाल, गुड़ा सलाथिया, वदवाल, थलोड़ी, पेखड़ी में पशुओं में फैल रहे मुंहखोर (लंपी) रोग से किसान परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर रोज पशु रोग की चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी की पहचान पहले दिन पशु के शरीर पर गांठें बन रही हैं। दूसरे दिन पशु के खुर में सूजन के साथ बुखार आ रहा है। किसान यशपाल शर्मा, सुचानी के नंबरदार सुभाष सिंह, नसीब सिंह, तरसेम लाल आदि ने बताया कि बीमारी की चपेट में आने से पशु घास खाना छोड़ रहे हैं। अब उन्होंने दुधारू मवेशियों से दूध निकालना भी बंद कर दिया है। पशुपालक बंसी लाल, देवेंद्र कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशु इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। लोगों ने पशुपालन विभाग और सरकार से इस बीमारी से जल्द निजात दिलाने की मांग की है। पशु चिकित्सक डॉ. राहुल देव ने बताया की विभाग की ओर से टीमें गांव-गांव जा रही हैं। बीमार मवेशियों को वैक्सीन दे रहे हैं। कुछ पशु ठीक भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया की अगर मवेशियों को अन्य पशुओं से अलग रखा जाए तो बीमारी कुछ हद तक जल्द कम होगी। उन्होंने सलाह दी कि बीमार पशुओं को खुले में चरने के लिए न छोड़ें।
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- डाॅक्टर की सलाह बीमार पशुओं को चरने के लिए न छोड़ें
संवाद न्यूज एजेंसी
विजयपुर। कंडी क्षेत्र के गांव राया, सुचानी, वगुना, पाटी, नथवाल, गुड़ा सलाथिया, वदवाल, थलोड़ी, पेखड़ी में पशुओं में फैल रहे मुंहखोर (लंपी) रोग से किसान परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर रोज पशु रोग की चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी की पहचान पहले दिन पशु के शरीर पर गांठें बन रही हैं। दूसरे दिन पशु के खुर में सूजन के साथ बुखार आ रहा है। किसान यशपाल शर्मा, सुचानी के नंबरदार सुभाष सिंह, नसीब सिंह, तरसेम लाल आदि ने बताया कि बीमारी की चपेट में आने से पशु घास खाना छोड़ रहे हैं। अब उन्होंने दुधारू मवेशियों से दूध निकालना भी बंद कर दिया है। पशुपालक बंसी लाल, देवेंद्र कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशु इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। लोगों ने पशुपालन विभाग और सरकार से इस बीमारी से जल्द निजात दिलाने की मांग की है। पशु चिकित्सक डॉ. राहुल देव ने बताया की विभाग की ओर से टीमें गांव-गांव जा रही हैं। बीमार मवेशियों को वैक्सीन दे रहे हैं। कुछ पशु ठीक भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया की अगर मवेशियों को अन्य पशुओं से अलग रखा जाए तो बीमारी कुछ हद तक जल्द कम होगी। उन्होंने सलाह दी कि बीमार पशुओं को खुले में चरने के लिए न छोड़ें।