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Jammu News: सब नहरों में मलबा, अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचा, खेत सूखे
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- धान की पनीरी लगाने का चल रहा काम, सीमावर्ती 21 गांव प्रभावित, बारिश का इंतजार
सतीश वालिया
जम्मू। रणबीर नहर से जाने वाली सब नहरों में पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाया है। इस कारण खेत सूखे हैं। किसान धान की पनीरी लगाने में जुटे हैं लेकिन खेतों में पानी न होने से काम रुका पड़ा है। बारिश का भी इंतजार है। मौजूदा समय में 21 गांवों में परेशानी चल रही है। पानी न पहुंचने का कारण यह भी रहा है कि मनरेगा (अब बीवी-जी रामजी) के तहत नहरों की सफाई नहीं हो पाई है। कुछ गांवों में दिहाड़ीदार ही नहीं मिले। इस कारण काम नहीं हो पाया है। नहरों में मलबा जमा है। कुछ जगहों में झाड़ियां उगीं हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों के 20 हजार से ज्यादा किसान प्रभावित हैं। सब नहरों के माध्यम से किसान खेतों तक पानी पहुंचाते हैं और फसलों की बिजाई करते हैं।
अब बरसात में बारिश होने पर पनीरी और मक्की लगाने का काम शुरू होगा। किसान एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य कुलभूषण खजुरिया ने बताया कि माैजूदा समय में बीस से ज्यादा गांव प्रभावित हैं। नहरों के माध्यम से ही सिंचाई होती है। सोहांजना के किसान जगदीश सिंह और स्वर्ण सिंह ने बताया कि लिफ्ट इरीगेशन सिस्टम बंद पड़ा है। नहरों में घास उगी है। इस बार सफाई ही नहीं हुई है।
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लिफ्ट इरीगेशन सिस्टम भी फेल
सोहांजना में लिफ्ट इरीगेशन सिस्टम फेल हो गया है। तवी नदी से पानी लिफ्ट कर नहरों में आना था। प्रोजेक्ट डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था लेकिन काम के बाद पानी ही लिफ्ट नहीं हो पाया है। इस कारण अधिकांश नहरों में पानी नहीं पहुंचा है। मौजूदा समय में इसका मरम्मत कार्य चल रहा है। यहां से कुकरान, सोहांजना, परवली को पानी मिलना था।
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इन गांवों में पानी नहीं पहुंचा
- पड़ाल, सोहांजना, मकवाल, मराडपुर, बख्शी कोठे, सूम, मलकी चक, करवाल, मंडाल, पहलादपुर, छन्नी, ज्वालापुरी, तोप शेरखानियां, घो मन्हासा, सरदारी चक, बजीरी चक, घोसाईं चक, टिक्को तेड़ा, चुबारा, तरावली, नई बस्ती, हरिपुर सहित कई गांवों में सिंचाई सब नहरों से होती है। इन छोटी नहरों को रणबीर नहर से पानी मिलता है।
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नहरों की सफाई करवाई गई है। जहां समस्या होगा, वहां पर पानी की आपूर्ति की जाएगी। किसानों को राहत दी जाएगी।
- देसराज, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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सतीश वालिया
जम्मू। रणबीर नहर से जाने वाली सब नहरों में पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाया है। इस कारण खेत सूखे हैं। किसान धान की पनीरी लगाने में जुटे हैं लेकिन खेतों में पानी न होने से काम रुका पड़ा है। बारिश का भी इंतजार है। मौजूदा समय में 21 गांवों में परेशानी चल रही है। पानी न पहुंचने का कारण यह भी रहा है कि मनरेगा (अब बीवी-जी रामजी) के तहत नहरों की सफाई नहीं हो पाई है। कुछ गांवों में दिहाड़ीदार ही नहीं मिले। इस कारण काम नहीं हो पाया है। नहरों में मलबा जमा है। कुछ जगहों में झाड़ियां उगीं हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों के 20 हजार से ज्यादा किसान प्रभावित हैं। सब नहरों के माध्यम से किसान खेतों तक पानी पहुंचाते हैं और फसलों की बिजाई करते हैं।
अब बरसात में बारिश होने पर पनीरी और मक्की लगाने का काम शुरू होगा। किसान एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य कुलभूषण खजुरिया ने बताया कि माैजूदा समय में बीस से ज्यादा गांव प्रभावित हैं। नहरों के माध्यम से ही सिंचाई होती है। सोहांजना के किसान जगदीश सिंह और स्वर्ण सिंह ने बताया कि लिफ्ट इरीगेशन सिस्टम बंद पड़ा है। नहरों में घास उगी है। इस बार सफाई ही नहीं हुई है।
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लिफ्ट इरीगेशन सिस्टम भी फेल
सोहांजना में लिफ्ट इरीगेशन सिस्टम फेल हो गया है। तवी नदी से पानी लिफ्ट कर नहरों में आना था। प्रोजेक्ट डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था लेकिन काम के बाद पानी ही लिफ्ट नहीं हो पाया है। इस कारण अधिकांश नहरों में पानी नहीं पहुंचा है। मौजूदा समय में इसका मरम्मत कार्य चल रहा है। यहां से कुकरान, सोहांजना, परवली को पानी मिलना था।
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इन गांवों में पानी नहीं पहुंचा
- पड़ाल, सोहांजना, मकवाल, मराडपुर, बख्शी कोठे, सूम, मलकी चक, करवाल, मंडाल, पहलादपुर, छन्नी, ज्वालापुरी, तोप शेरखानियां, घो मन्हासा, सरदारी चक, बजीरी चक, घोसाईं चक, टिक्को तेड़ा, चुबारा, तरावली, नई बस्ती, हरिपुर सहित कई गांवों में सिंचाई सब नहरों से होती है। इन छोटी नहरों को रणबीर नहर से पानी मिलता है।
नहरों की सफाई करवाई गई है। जहां समस्या होगा, वहां पर पानी की आपूर्ति की जाएगी। किसानों को राहत दी जाएगी।
- देसराज, एक्सईएन, सिंचाई विभाग