फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   agriculture

खेतीबाड़ी को माना नौकरी के समान

विज्ञापन
agriculture
ज्यौड़ियां। जहां लोग रोजी रोटी के लिए सरकारी नौकरी पाने के लिए भटकते रहते हैं और तमाम प्रयास के बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाती है। ऐसे में वे गलत रास्ते पर भटक जाते हैं। वहीं खौड़ की पंचायत चकक मलाल के वार्ड-छह के किसान नौकरी या रोजगार की चिंता छोड़ खेती को ही उस रूप में अपनाए हुए हैं। वे खेती को ही नौकरी समझते हैं। उनके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अगर समय रहते सरकारी नौकरी नहीं मिले तो हमें समय को बरबाद नहीं करते हुए किसी न किसी काम में जुट जाना चाहिए।
विज्ञापन

चकक मलाल वार्ड-6 निवासी मदन लाल, बलबीर सिंह, रंजीत लाल तथा रतन लाल ने बताया कि उनके वार्ड के 95 प्रतिशत लोग खेतों में सब्जी उगाते हैं, और अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। किसानों ने सब्जी नजदीक की मंडी ज्यौड़ियां या अखनूर में भेजते हैं। किसानों ने बताया कि वह हर मौसम में सब्जी उगाते हैं। कई किसान तो नजदीक के गांवों में फेरी लगाकर भी सब्जी बेचते हैं। किसानों ने बताया कि सरकारी नौकरी वाले लोगों से वह ज्यादा तो नहीं कमाते, लेकिन उनसे कम भी नहीं हैं। वह धान और गेहूं जैसी मुख्य फसलों को जरूरत के अनुसार उगाते हैं। ज्यादातर सब्जियां उगाते हैं जिसमें टमाटर, गोभी, मशरूम, कद्दू, मूली, सरसों का साग, सब्जी वाला प्याज, शलगम तथा मटर आदि शामिल हैं। सब्जी उगाना परिवार के एक सदस्य का काम नहीं है। पूरा परिवार पूरा दिन खेतों में व्यस्त रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed