{"_id":"5dcc56f98ebc3e5afe198951","slug":"agitation-jammu-news-jmu1971505188","type":"story","status":"publish","title_hn":"एबीवीपी ने लगाया पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एबीवीपी ने लगाया पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। एबीवीपी की तरफ से बुधवार को दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रखा गया। सचिवालय के बाहर बैठे कार्यकर्ताओं को मंगलवार रात को पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इस दौरान उनमें धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ देर बाद सभी को छोड़ भी दिया गया। विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एबीवीपी के 50 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 43 छात्र और 7 छात्राएं शामिल रहीं। सभी को शहर की अलग-अलग पुलिस चौकियों पर ले जाया गया। लाठीचार्ज के दौरान चार कार्यकर्ताओं को जीएमसी रेफर किया गया। यह हंगामा कच्ची छावनी, रणबीर लाइब्रेरी के चौक पर हुआ। आंदोलन मंगलवार से किया जा रहा है। विद्यार्थी परिषद के जम्मू महानगर मंत्री प्रतीक रैना ने कहा कि जब तक परिषद की तरफ से उठाए मुद्दों को पूरा नहीं कि या जाता तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा और आगे चलकर व्यापक रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि हायर एजुकेश काउंसिल का गठन किया जाए, हिंदी, संस्कृत, डोगरी, पंजाबी, उर्दू आदि भाषा के लिए रिसर्च सेंटर खोला जाए। शिक्षा का व्यापारीकरण और निजीकरण रोकने के लिए ठोस कानून बनाया जाए, सरकार द्वारा किए गए वादे अनुसार 50,000 युवाओं को रोजगार देने के लिए शीघ्र आवेदन मांगे जाएं, इसी के साथ उनकी तरफ से विभिन्न मांगें उठाई गईं।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एबीवीपी के 50 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 43 छात्र और 7 छात्राएं शामिल रहीं। सभी को शहर की अलग-अलग पुलिस चौकियों पर ले जाया गया। लाठीचार्ज के दौरान चार कार्यकर्ताओं को जीएमसी रेफर किया गया। यह हंगामा कच्ची छावनी, रणबीर लाइब्रेरी के चौक पर हुआ। आंदोलन मंगलवार से किया जा रहा है। विद्यार्थी परिषद के जम्मू महानगर मंत्री प्रतीक रैना ने कहा कि जब तक परिषद की तरफ से उठाए मुद्दों को पूरा नहीं कि या जाता तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा और आगे चलकर व्यापक रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि हायर एजुकेश काउंसिल का गठन किया जाए, हिंदी, संस्कृत, डोगरी, पंजाबी, उर्दू आदि भाषा के लिए रिसर्च सेंटर खोला जाए। शिक्षा का व्यापारीकरण और निजीकरण रोकने के लिए ठोस कानून बनाया जाए, सरकार द्वारा किए गए वादे अनुसार 50,000 युवाओं को रोजगार देने के लिए शीघ्र आवेदन मांगे जाएं, इसी के साथ उनकी तरफ से विभिन्न मांगें उठाई गईं।
विज्ञापन