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लोक सभा अध्यक्ष की वीडियो कांफ्रेंसिंग रास नहीं आई
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सांबा डीसी कार्यालय के बाहर लोकसभा आध्यक्ष के कार्यक्रम का बहिष्कार करते बीडीसी के सदस्य व सरपं?
- फोटो : SAMBA
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सांबा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला इन दिनों जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने विभिन्न लोगों व प्रतिनिधियों से प्रदेश के हालात पर चर्चा की। इसी संदर्भ में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के कांफ्रेंस हाल में उन्होंने डीडीसी के सदस्यों, बीडीसी अध्यक्ष व सरपंचों से वीडियो कांफ्रेंस से चर्चा की। हालांकि अधिकतर बीडीसी अध्यक्ष और सरपंचों ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया और वह नाराज होकर बाहर आ गए।
इस अवसर पर कई प्रकार की चर्चा की गई, जिसमें जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक, विकास पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में जिले भर के डीडीसी सदस्य, बीडीसी अध्यक्ष व सरपंच उपस्थित थे। लोकसभा अध्यक्ष की वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक का कुछ बीडीसी अध्यक्ष व सरपंचों ने बहिष्कार कर दिया। विजयपुर से बीडीसी अध्यक्ष राजेशवर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के पास कोई योजना ही नहीं है। पंचायतों को दिव्यांग बना दिया है। विकास के लिए केवल वादे ही किए गए हैं। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। सीमावर्ती गांव बैनगलाड की सरपंच स्वाति शर्मा ने कहा कि बैठक में हमें केवल सुनने के लिए बिठाया गया। हम अपनी बात नहीं रख सकते थे। यदि विकास की बात ही नहीं कर सकते, तो ऐसे में क्यों बुलाया गया। कैली मंडी के सरपंच रवींद्र सिंह लब्लु का कहना था कि हमें तो लगा कि पंचायतों के विकास के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को पेश आने वाली समस्याओं पर लोकसभा अध्यक्ष से चर्चा होगी। बैठक में ऐसा कुछ नहीं हुआ, सिर्फ सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री के साथ ही बात हुई। पंचायतों के विकास पर कोई चर्चा ही नहीं की गई। जिस पर उन्होंने बहिष्कार कर दिया। इस अवसर पर सरपंच प्रदीप ललोत्रा, सरपंच प्रवीन चौधरी, सरपंच कृष्ण चंद, विनोद कुमार, सोम राज आदि भी उनके साथ थे।
पंचायती राज को सशक्त बनाने पर जोर
सांबा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पंचायतों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले पंचायतों को पांच वर्षीय योजना में 6 करोड़ रुपये फंड मुहैया कराए जाते थे। अब 12 करोड़ रुपये फंड दिए जा रहे हैं। केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर पर खास ध्यान दे रही है। पंचायती राज को सुदृढ़ बना रही है। डीडीसी, बीडीसी व सरपंचों को सशक्त बनाएंगे। संवाद
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इस अवसर पर कई प्रकार की चर्चा की गई, जिसमें जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक, विकास पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में जिले भर के डीडीसी सदस्य, बीडीसी अध्यक्ष व सरपंच उपस्थित थे। लोकसभा अध्यक्ष की वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक का कुछ बीडीसी अध्यक्ष व सरपंचों ने बहिष्कार कर दिया। विजयपुर से बीडीसी अध्यक्ष राजेशवर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के पास कोई योजना ही नहीं है। पंचायतों को दिव्यांग बना दिया है। विकास के लिए केवल वादे ही किए गए हैं। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। सीमावर्ती गांव बैनगलाड की सरपंच स्वाति शर्मा ने कहा कि बैठक में हमें केवल सुनने के लिए बिठाया गया। हम अपनी बात नहीं रख सकते थे। यदि विकास की बात ही नहीं कर सकते, तो ऐसे में क्यों बुलाया गया। कैली मंडी के सरपंच रवींद्र सिंह लब्लु का कहना था कि हमें तो लगा कि पंचायतों के विकास के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को पेश आने वाली समस्याओं पर लोकसभा अध्यक्ष से चर्चा होगी। बैठक में ऐसा कुछ नहीं हुआ, सिर्फ सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री के साथ ही बात हुई। पंचायतों के विकास पर कोई चर्चा ही नहीं की गई। जिस पर उन्होंने बहिष्कार कर दिया। इस अवसर पर सरपंच प्रदीप ललोत्रा, सरपंच प्रवीन चौधरी, सरपंच कृष्ण चंद, विनोद कुमार, सोम राज आदि भी उनके साथ थे।
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पंचायती राज को सशक्त बनाने पर जोर
सांबा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पंचायतों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले पंचायतों को पांच वर्षीय योजना में 6 करोड़ रुपये फंड मुहैया कराए जाते थे। अब 12 करोड़ रुपये फंड दिए जा रहे हैं। केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर पर खास ध्यान दे रही है। पंचायती राज को सुदृढ़ बना रही है। डीडीसी, बीडीसी व सरपंचों को सशक्त बनाएंगे। संवाद
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