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सांबा की आधा दर्जन पंचायतें करेंगी बैक टू विलेज-3 का बहिष्कार
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सांबा। जम्मु-कश्मीर में गांव चलो कार्यक्रम के अंतर्गत तीसरे चरण के कार्यक्रम का आगाज होने वाला है। ऐसे में सांबा जिले की आधा दर्जन पंचायतों के सरपंच बैक टू विलेज-3 के कार्यक्रम का बहिष्कार करने का मन बना रहे हैं। उनका कहना है कि बैक टू विलेज-एक और दो में बताए गए कार्य आज तक नहीं हुए हैं। ऐसे में होने वाले कार्यक्रम में भी उन्हें कोई आस नहीं है। ऐसे में वह कार्यक्रम का बहिष्कार ही करेंगे।
सीमावर्ती राजपुरा ब्लॉक की पंचायत चक दुल्मा के सरपंच विनय शर्मा ने बताया कि उन्होंने बैक टू विलेज-एक और दो कार्यक्रम में मांग रखी थी कि जिले मे नए राशन कार्ड बनाए जाएं, बिजली के खंभे और तारें बदली जाएं, चक दुलमा से मंगु चक को जोड़ने वाले मार्ग पर पुली बनाई जाए, लेकिन एक भी काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में उन्हें तीसरे चरण के कार्यक्रम में भी कोई खास उमीद नहीं है। सांबा ब्लॉक की कैली मंडी पंचायत के सरपंच लब्लु संबयाल ने बताया कि जिले की अधिकतर पंचायतों के प्रतिनिधि सरकारी कामकाज से खुश नहीं हैं।
बैक टू विलेज-एक और दो में उठाई जाने वाली समस्याओं पर किसी ने गौर नहीं किया है। ऐसे में तीसरे चरण के कार्यक्रम से क्या उमीद रखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि उनकी मांग थी कि लोगों को पानी की किल्लत बनी हुई है। लीक हो रही पाईपों को जोड़ा जाए, लेकिन यह काम भी नहीं हो सका, बिजली के खंभे व तारों की समस्या थी। उसका भी कुछ नहीं हुआ, कृर्षि विभाग की ओर से पौधरोपण कार्यक्रम करने का आश्वासन था, लेकिन चंद पंचायतों को छोड़ कर किसी में पौधे नहीं लगाए। उनके अनुसार कई विभाग के अधिकारी तो बैक टू विलेज कार्यक्रम में केवल हाजिरी लगवाने ही आते हैं। उन्होंने बताया कि उनके बकाया भुगतान के बारे में भी कुछ नहीं हो सका है। उनकी मांग थी कि विकास कार्यों में सरंपचों को विश्वास में लिया जाए। कई बार ऐसा नहीं किया जाता है। सरपंच के अनुसार जिले की आधा दर्जन पंचायतें बैक टू विलेज-3 कार्यक्रम का बहिष्कार करने का निर्णय लेंगी।
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सीमावर्ती राजपुरा ब्लॉक की पंचायत चक दुल्मा के सरपंच विनय शर्मा ने बताया कि उन्होंने बैक टू विलेज-एक और दो कार्यक्रम में मांग रखी थी कि जिले मे नए राशन कार्ड बनाए जाएं, बिजली के खंभे और तारें बदली जाएं, चक दुलमा से मंगु चक को जोड़ने वाले मार्ग पर पुली बनाई जाए, लेकिन एक भी काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में उन्हें तीसरे चरण के कार्यक्रम में भी कोई खास उमीद नहीं है। सांबा ब्लॉक की कैली मंडी पंचायत के सरपंच लब्लु संबयाल ने बताया कि जिले की अधिकतर पंचायतों के प्रतिनिधि सरकारी कामकाज से खुश नहीं हैं।
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बैक टू विलेज-एक और दो में उठाई जाने वाली समस्याओं पर किसी ने गौर नहीं किया है। ऐसे में तीसरे चरण के कार्यक्रम से क्या उमीद रखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि उनकी मांग थी कि लोगों को पानी की किल्लत बनी हुई है। लीक हो रही पाईपों को जोड़ा जाए, लेकिन यह काम भी नहीं हो सका, बिजली के खंभे व तारों की समस्या थी। उसका भी कुछ नहीं हुआ, कृर्षि विभाग की ओर से पौधरोपण कार्यक्रम करने का आश्वासन था, लेकिन चंद पंचायतों को छोड़ कर किसी में पौधे नहीं लगाए। उनके अनुसार कई विभाग के अधिकारी तो बैक टू विलेज कार्यक्रम में केवल हाजिरी लगवाने ही आते हैं। उन्होंने बताया कि उनके बकाया भुगतान के बारे में भी कुछ नहीं हो सका है। उनकी मांग थी कि विकास कार्यों में सरंपचों को विश्वास में लिया जाए। कई बार ऐसा नहीं किया जाता है। सरपंच के अनुसार जिले की आधा दर्जन पंचायतें बैक टू विलेज-3 कार्यक्रम का बहिष्कार करने का निर्णय लेंगी।
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