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ई टेंडरिंग के चलते जनसंपर्क अभियान में नहीं पंचायत प्रतिनिधि
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बाड़ी ब्राह्मणा में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते पंच-सरपंच।
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बाड़ी ब्राह्मणा। पंचायत के विकास कार्य में ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया के विरोध के चलते बुधवार को बाड़ी ब्राह्मणा में आयोजित जन सुविधा अभियान के कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बाड़ी ब्राह्मणा ब्लाक की 13 पंचायतों के प्रतिनिधियों में से एक ने भी भाग नहीं लिया। बाद में सीाी सरपंचों और चेयरपर्सन ने तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें अनुरोध किया गया कि ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया को तत्काल समाप्त किया जाए।
बुधवार को ब्लाक दिवस के मौके पर बाड़ी ब्राह्मणा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन इसमें भी एक भी पंचायत के प्रतिनिधि ने भाग नहीं लिया। उनका विरोध है कि पंचायत में पूर्व में सरपंच को यह अधिकार थे कि वह विकास कार्य कराए, लेकिन अब हर प्रकार के कार्य के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया बनाई दी गई है। जो ठीक नहीं है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार पंचायत को मजबूत बनाने के बजाए और अधिक कमजोर कर रही है। सरपंचों ने कहा पंचायतों में कराए गए पहले कामों की राशि अभी तक जारी नहीं की गई है। बार-बार अपनी समस्या प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकार ई-टेंडरिंग का फैसला जारी करके पंचों-सरपंचों को दरकिनार कर रही है। हम सरकार द्वारा जारी किए गए इस फैसले का विरोध करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी मोहम्मद यूसुफ मलिक, बीडीओ कपिल देओल और स्थानीय विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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बुधवार को ब्लाक दिवस के मौके पर बाड़ी ब्राह्मणा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन इसमें भी एक भी पंचायत के प्रतिनिधि ने भाग नहीं लिया। उनका विरोध है कि पंचायत में पूर्व में सरपंच को यह अधिकार थे कि वह विकास कार्य कराए, लेकिन अब हर प्रकार के कार्य के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया बनाई दी गई है। जो ठीक नहीं है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार पंचायत को मजबूत बनाने के बजाए और अधिक कमजोर कर रही है। सरपंचों ने कहा पंचायतों में कराए गए पहले कामों की राशि अभी तक जारी नहीं की गई है। बार-बार अपनी समस्या प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकार ई-टेंडरिंग का फैसला जारी करके पंचों-सरपंचों को दरकिनार कर रही है। हम सरकार द्वारा जारी किए गए इस फैसले का विरोध करते हैं।
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कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी मोहम्मद यूसुफ मलिक, बीडीओ कपिल देओल और स्थानीय विभागों के अधिकारी मौजूद थे।