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धार्मिक स्थल की भूमि पर विवाद
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धर्म स्थल की भूमि पर कब्जे के विरोध में प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : AKHNOOR
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अखनूर। राम तलाई मोहल्ले में स्थित राम मंदिर भूमि पर बने विवाद पर सोमवार को लोगों ने राजस्व विभाग और कब्जाधारियों के खिलाफ रैली निकाली। साथ ही नारेबाजी की और चेतावनी दी कि अगर भूमि से कब्जा नहीं हटाया गया तो आंदोलन का रास्ता चुनना पडे़गा।
सोमवार को राम तलाई मंदिर की करीब डेढ़ कनाल भूमि की निशानदेही करने के लिए राजस्व विभाग की टीम पहुंची। इसकी सूचना मंदिर के आसपास रहने वालों को भनक लगाने पर मंदिर कमेटी के सदस्य और लोग एकत्रित हो गए, जिसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। निशानदेही टीम लोगों के एकत्रित होने पर वहां से खिसक गई। मौके पर लोगों ने राजस्व विभाग के खिलाफ मिलीभगत का आरोप लगा कर नारेबाजी की। मुख्य बाजार में रैली निकली, जो लिंक रोड, आर्यसमाज मोहल्ले, मुख्य चौक और फव्वारा चौक से होकर गुजरी।
प्रदर्शनकारियों ने राजस्व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया। राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मंदिर की भूमि और तालाब का कब्जा किया जा रहा है। मंदिर कमेटी के प्रधान जुगल शर्मा ने बताया कि सैकड़ों वर्ष से डेढ़ कनाल भूमि और तालाब मंदिर के अधीन आता है, मगर एक परिवार राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भूमि पर कब्जा करने की फिराक में है। उन्होंने बताया तीन बार कोर्ट केस मंदिर के पक्ष में हुआ है, मगर हर बार यह परिवार कुछ नया करके अधिकारियों के साथ कब्जा करने आ जाते हैं। उप प्रधान विजय वर्मा ने कहा कि मंदिर की करोड़ों रुपये की भूमि पर कुछ लोगों की हड़पने की नीयत पर राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी है। जो कभी भी श्रद्धालु सहन नहीं करेंगे। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि मंदिर की करोड़ों की भूमि मंदिर के साथ ही रहे। अगर प्रशासन ने मंदिर के विरूद्ध कार्रवाई की तो आंदोलन करना पडे़गा। प्रदर्शन में ममता वर्मा, अश्वनी कुमार, दीप शर्मा, चंदन शर्मा, प्रकाश गुप्ता आदि शामिल रहे।
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सोमवार को राम तलाई मंदिर की करीब डेढ़ कनाल भूमि की निशानदेही करने के लिए राजस्व विभाग की टीम पहुंची। इसकी सूचना मंदिर के आसपास रहने वालों को भनक लगाने पर मंदिर कमेटी के सदस्य और लोग एकत्रित हो गए, जिसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। निशानदेही टीम लोगों के एकत्रित होने पर वहां से खिसक गई। मौके पर लोगों ने राजस्व विभाग के खिलाफ मिलीभगत का आरोप लगा कर नारेबाजी की। मुख्य बाजार में रैली निकली, जो लिंक रोड, आर्यसमाज मोहल्ले, मुख्य चौक और फव्वारा चौक से होकर गुजरी।
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प्रदर्शनकारियों ने राजस्व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया। राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मंदिर की भूमि और तालाब का कब्जा किया जा रहा है। मंदिर कमेटी के प्रधान जुगल शर्मा ने बताया कि सैकड़ों वर्ष से डेढ़ कनाल भूमि और तालाब मंदिर के अधीन आता है, मगर एक परिवार राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भूमि पर कब्जा करने की फिराक में है। उन्होंने बताया तीन बार कोर्ट केस मंदिर के पक्ष में हुआ है, मगर हर बार यह परिवार कुछ नया करके अधिकारियों के साथ कब्जा करने आ जाते हैं। उप प्रधान विजय वर्मा ने कहा कि मंदिर की करोड़ों रुपये की भूमि पर कुछ लोगों की हड़पने की नीयत पर राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी है। जो कभी भी श्रद्धालु सहन नहीं करेंगे। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि मंदिर की करोड़ों की भूमि मंदिर के साथ ही रहे। अगर प्रशासन ने मंदिर के विरूद्ध कार्रवाई की तो आंदोलन करना पडे़गा। प्रदर्शन में ममता वर्मा, अश्वनी कुमार, दीप शर्मा, चंदन शर्मा, प्रकाश गुप्ता आदि शामिल रहे।
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