फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Agency to investigate organic agricultural products in Jammu and Kashmir

जम्मू-कश्मीर: जैविक कृषि उत्पादों की जांच के लिए बनेगी एजेंसी, समीक्षा बैठक में मिली मंजूरी

Fri, 09 Apr 2021 03:40 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 09 Apr 2021 03:40 PM IST
विज्ञापन
Agency to investigate organic agricultural products in Jammu and Kashmir
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

प्रदेश में तैैयार होने वाले जैविक कृषि उत्पादों की परख के लिए अब एक ऐंजसी बनेगी। जम्मू-कश्मीर दोनों संभागों में ही जैविक उत्पाद प्रमाणन एजेंसी स्थापित होगी। वीरवार को स्टेट सीड सब कमेेेटी की बैठक में इसको मंजूरी दी गई। कृषि उत्पादन विभाग के आयुक्त सचिव नवीन चौधरी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें उक्त एजेंसी को स्थापित करने की जरूरत बताई गई। इस पर चौधरी ने मंजूरी की मुहर लगाई। जल्द ही इसे लेकर अधिसूचना भी जारी होगी।

विज्ञापन


यह एजेंसी प्रदेश में हॉर्टिकल्चर, डेयरी और एग्रीकल्चर जैविक उत्पादों को प्रमाणित करेगी, जो लोग जैविकता के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हैं, उस पर भी अंकुश लगेगा। लोगों तक जैविक उत्पाद सही पहुंचेंगे। एजेंसी का नेतृत्व एक एग्रो केमिस्ट, एक डिप्टी डायरेक्टर रैंक का अधिकारी करेगा, जिसे कृषि विभाग के कम से कम एक जिला स्तरीय अधिकारी और बागवानी में विशेषज्ञता वाले एक एचडीओ द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- मारा गया बुरहान वानी का चचेरा भाई इम्तियाज: जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी बोले- वेल डन बॉयज
विज्ञापन
विज्ञापन


यह एजेंसी विभाग का ढांचा इस्तेमाल कर सकती है और इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उत्पादों के प्रभावी विश्लेषण के लिए, एक सहायक प्रोफेसर भी एजेंसी का सदस्य होगा। एजेंसी कार्बनिक कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम द्वारा निर्धारित जैविक प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया को अपनाएगी। हर तीन महीने में एजेंसी के कार्यप्रणाली की समीक्षा होगी। कृषि विभाग छह कलस्टर की तलाश करेगा। यहां पर एजेंसी काम शुरू करेगी।

ये भी पढ़ें- एक बार फिर आतंकियों ने लिया मस्जिद का सहारा, जानिए कब-कब धर्मस्थलों में घुसे दहशतगर्द

उन्होंने निर्देश दिया कि दोनों पशुपालन निदेशक अच्छी योग्य वीएएस को अपनी संबंधित एजेंसियों के सदस्यों के रूप में शामिल करने के लिए नामित करेंगे। इसके अलावा कृषि विभाग के दोनों निदेशक देश की एक प्रतिष्ठित एजेंसी से संपर्क करेंगे और नई बनाई गई एजेंसियों के सदस्यों के लिए 14 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed