फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   After 31 years, the family of Kashmiri Pandit Tikku reached the court for justice

द कश्मीर फाइल्स: न्याय के लिए 31 साल बाद कोर्ट पहुंचा कश्मीरी पंडित टिक्कू का परिवार, बिट्टा कराटे पर हैं हत्या के आरोप

Thu, 31 Mar 2022 02:25 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 31 Mar 2022 02:25 AM IST
सार

अदालत में पेश टिक्कू परिवार के अधिवक्ता उत्सव बैंस ने सुनवाई के बाद बुधवार को बताया कि सतीश टिक्कू की हत्या में मोबाइल मजिस्ट्रेट ने एक सितंबर 2021 को उनका आवेदन खारिज कर प्रत्यक्ष तौर पर याचिका दाखिल करने के लिए कहा था। इसके बाद बुधवार को परिवार की ओर से क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन दाखिल की गई। क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। 

विज्ञापन
After 31 years, the family of Kashmiri Pandit Tikku reached the court for justice
आरोपी कराटे और पीड़ित - फोटो : संवाद

विस्तार

फिल्म द कश्मीर फाइल्स से कश्मीरी पंडित परिवारों में न्याय की आस जगी है। कश्मीरी पंडित सतीश टिक्कू की हत्या के 31 साल बाद उनके परिजनों ने एक स्थानीय अदालत में आवेदन देकर कश्मीरी पंडितों की हत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी पर औपचारिक सुनवाई की मांग करते हुए आरोप पत्र दाखिल करने का आग्रह किया है।

विज्ञापन

सतीश के भाई महाराजा कृष्ण टिक्कू की याचिका पर सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय

श्रीनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सतीश के भाई महाराजा कृष्ण टिक्कू की याचिका पर सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की है। जेकेएलएफ नेता बिट्टा कराटे पर सतीश टिक्कू की हत्या का आरोप लगा था। अदालत में पेश टिक्कू परिवार के अधिवक्ता उत्सव बैंस ने सुनवाई के बाद बुधवार को बताया कि सतीश टिक्कू की हत्या में मोबाइल मजिस्ट्रेट ने एक सितंबर 2021 को उनका आवेदन खारिज कर प्रत्यक्ष तौर पर याचिका दाखिल करने के लिए कहा था।

विज्ञापन

बुधवार को परिवार की ओर से क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन दाखिल की गई

इसके बाद बुधवार को परिवार की ओर से क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन दाखिल की गई। मालूम हो कि वर्ष 1990 में सतीश टिक्कू की हत्या कर दी गई थी। उसका आरोप बिट्टा कराटे पर लगा था। 1991 में एक टीवी चैनल पर साक्षात्कार के दौरान बिट्टा कराटे ने स्वीकार किया था कि उसने अपने दोस्त सतीश टिक्कू समेत दर्जनों कश्मीरी पंडितों को मार डाला, जिसके बाद कश्मीरी पंडितों ने घाटी से पलायन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि बाद में अपनी स्वीकारोक्ति से पलटते हुए बिट्टा ने कहा था कि उसने किसी को नहीं मारा और उसने टीवी चैनल पर दबाव में उक्त बयान दिया था।

जेल में बंद है बिट्टा

बिट्टा को वर्ष 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी फंडिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था। वह तबसे जेल में है। इससे पहले नवंबर 1990 और 2006 के बीच हत्या व अन्य विभिन्न आरोपों में लगभग 16 वर्षों तक जेल में रहा था। 2006 में टाडा अदालत ने उसके खिलाफ आरोप तय करने में अत्यधिक देरी के आधार पर जमानत दी थी।

यासीन से तोड़ लिया था नाता

वर्ष 2006 में अपनी रिहाई के बाद बिट्टा कराटे ने मोहम्मद यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट से नाता तोड़ लिया था और अब वह जेकेएलएफ के दूसरे गुट का हिस्सा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed