नए रंग में रंग गया आकाशवाणी कठुआ, अब एक क्लिक में आपके मनपसंद कार्यक्रम होंगे आप तक
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जम्मू कश्मीर के कठुआ में 28 साल बाद आकाशवाणी कठुआ नए रंग में रंग गया है। अबतक केवल रेडियो फ्रिक्वेंसी पर उपब्लध रहे आकाशवाणी कठुआ का इंटरनेट के जरिए प्रसारण शुरू हो गया। इसके साथ ही सुबह से लेकर देर रात तक चलने वाले रेडियो कठुआ के विभिन्न कार्यक्रमों को अब विश्व के किसी भी कोने से सुना जा सकेगा।
जम्मू कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध के चलते श्रोताओं को फिलहाल कुछ समय और इंतजार करना होगा, लेकिन कठुआ जिले के अन्य राज्यों में रहने वाले लोग भी अपने जिले का सूरते हाल ऑनलाइन जांच सकेंगे।
ज्ञात रहे कि आकाशवाणी कठुआ में दस किलोवाट का ट्रांसमीटर वर्ष 1992 में स्थापित किया गया था, जो एक बड़े इलाके में रेडियो तरंगों को पहुंचाता रहा है। इस साल ट्रांसमीटर में खराबी के बाद कई इलाकों में अभी भी रेडियो सिगनल में दिक्कतें आ रही हैं। दूरदराज इलाके के श्रोता पिछले कुछ समय से रेडियो के कम सिगनल मिलने की भी शिकायत करते रहे हैं।
कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा, रियासी के साथ-साथ पंजाब और हिमाचल प्रदेश में अपनी लोकप्रियता बटोर चुके इस केंद्र को लेकर न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कोई दिलचस्पी दिखाई और न ही आकाशवाणी के उच्च अधिकारियों ने।
जल्द कठुआ में सुनने को मिलेगा निजी एफएम
सूत्रों ने बताया कि एक ट्रांसमीटर की अधिकतम आयु दस वर्ष होती है, लेकिन 27 वर्ष से कठुआ के आकाशवाणी केंद्र के ट्रांसमीटर को न तो बदला गया और न ही इसके लिए किसी विकल्प को लाया गया। बीते एक दशक से ही ट्रांसमीटर में कभी कभार दिक्कतें भी सामने आती रही हैं, जिसकी वजह से कुछ मिनटों के लिए आकाशवाणी की सेवाएं तो प्रभावित होती रहीं, लेकिन इस साल ऐसा पहली बार हुआ कि दो दिन तक ट्रांसमीटर ठप रहा है।
कठुआ के लिए मंजूर निजी एफएम के संचालक इन दिनों अपना सेटअप लगाने में जुटे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आने वाले समय में आकाशवाणी कठुआ के बाद अब जल्द कठुआ और आसपास निजी रेडियो भी सुना जा सकेगा।
सूत्रों के अनुसार यह इस रेडियो के लिए गुजरात की एक कंपनी को लाइसेंस हासिल हुआ था, जिसके बाद बीते कुछ महीनों से आकाशवाणी कठुआ परिसर से लीज पर लिए गए टॉवर से ही इसे ऑपरेट किया जाएगा। हालांकि निजी रेडियो का स्टुडियो कठुआ में बनाए जाने की योजना नहीं है। ऐसे में इसे रिले रेडियो के रूप में प्रसारित किया जा सकता है। निजी रेडियो को आने वाले समय में 91.10 मेगाहर्ट्ज पर सुना जा सकेगा।