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Jammu News: नए आपराधिक कानूनों को लागू करने की समीक्षा
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नए अपराधिक कानून लागू करने की समीक्षा करतख्मुख्य सचिव अटल डुल्लु एवं अन्य अधिकारी: स्रोत सूचन
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नोडल अधिकारी नियुक्त होगा, अधिकारी के स्तर पर इसे लागू करने संबंधी प्रक्रिया पूरी होगी
जम्मू। प्रदेश में तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए जाएंगे। इन कानूनों के कार्यान्वयन के लिए एकल बिंदु संपर्क के रूप में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात उक्त अधिकारी इन कानूनों से संबंधित सभी मुद्दों को हल करेगा। बता दें कि संसद द्वारा अधिनियमित जम्मू-कश्मीर में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की वीरवार को समीक्षा की गई। मुख्य सचिव अटल डुल्लु ने गृह, पुलिस व कानून विभागों के असफसरों के साथ बैठक की।
मुख्य सचिव ने क्षमता निर्माण व कर्मियों के प्रशिक्षण के संबंध में अब तक किए गए उपायों पर चर्चा की। प्रत्येक विंग के उन पुलिस अधिकारियों के बैच के बारे में पूछताछ की, जिन्हें नए कानूनों के बारे में आवश्यक प्रशिक्षण और शिक्षा मिली है। पुलिस नियमावली में होने वाले बदलाव के बारे में भी जानकारी ली। समय सीमा के भीतर उद्देश्य को पूरा करने के लिए एसओ जारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उपलब्ध समय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए संचालन समिति के सदस्यों से अब तक किए गए प्रयासों और आगे की रणनीति के बारे में सुझाव मांगे। प्रधान सचिव गृह चंद्राकर भारती ने बताया कि इन कानूनों के कार्यान्वयन में हमारी रणनीति के तीन स्तंभ क्षमता निर्माण, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, अतिरिक्त जनशक्ति, हार्डवेयर व तकनीकी हस्तक्षेप के उन्नयन की जरूरत पर आधारित हैं। इन कानूनों की जानकारी रखने और प्रदेश में इन कानूनों को लागू करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए समितियों और अध्ययन समूहों का गठन किया गया है। ब्यूरो
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जम्मू। प्रदेश में तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए जाएंगे। इन कानूनों के कार्यान्वयन के लिए एकल बिंदु संपर्क के रूप में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात उक्त अधिकारी इन कानूनों से संबंधित सभी मुद्दों को हल करेगा। बता दें कि संसद द्वारा अधिनियमित जम्मू-कश्मीर में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की वीरवार को समीक्षा की गई। मुख्य सचिव अटल डुल्लु ने गृह, पुलिस व कानून विभागों के असफसरों के साथ बैठक की।
मुख्य सचिव ने क्षमता निर्माण व कर्मियों के प्रशिक्षण के संबंध में अब तक किए गए उपायों पर चर्चा की। प्रत्येक विंग के उन पुलिस अधिकारियों के बैच के बारे में पूछताछ की, जिन्हें नए कानूनों के बारे में आवश्यक प्रशिक्षण और शिक्षा मिली है। पुलिस नियमावली में होने वाले बदलाव के बारे में भी जानकारी ली। समय सीमा के भीतर उद्देश्य को पूरा करने के लिए एसओ जारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उपलब्ध समय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए संचालन समिति के सदस्यों से अब तक किए गए प्रयासों और आगे की रणनीति के बारे में सुझाव मांगे। प्रधान सचिव गृह चंद्राकर भारती ने बताया कि इन कानूनों के कार्यान्वयन में हमारी रणनीति के तीन स्तंभ क्षमता निर्माण, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, अतिरिक्त जनशक्ति, हार्डवेयर व तकनीकी हस्तक्षेप के उन्नयन की जरूरत पर आधारित हैं। इन कानूनों की जानकारी रखने और प्रदेश में इन कानूनों को लागू करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए समितियों और अध्ययन समूहों का गठन किया गया है। ब्यूरो
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