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Jammu News: जजों के लिए एक्शन प्लान मंजूर, अदालताें में लंबित मामलों को निपटाने का भी आदेश
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जम्मू। अदालतों में लंबित मामलों को निपटाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। पांच वर्ष तक के पुराने मामलों को जल्द निपटाने के लिए कहा गया है। आदेश में विभिन्न स्तर के न्यायाधीशों के न्यायालयों के लिए प्रस्तावित लक्ष्य रखा गया है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के न्यायालयों के लिए प्रस्तावित लक्ष्य में विचाराधीन कैदियों के सभी मामलों का निर्णय और निपटान करने को कहा गया है। पीडब्ल्यूडीवी अधिनियम के तहत दायर नौ महीने से अधिक समय से निपटान के लिए लंबित अपीलें, आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं(एक साल से लंबित) सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पारित आदेशों के खिलाफ दायर याचिकाएं (नाै माह पुरानी), सभी नागरिक मुकदमों का निर्णय और निपटान (पांच साल से पुराने) को भी प्राथमिकता से निपटाने के लिए कहा गया है।
विशेष न्यायालयों के लिए प्रस्तावित लक्ष्य
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतें 15 साल से पुराने मामलों का निर्णय और निपटान करेंगी, सीबीआई मामलों के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतें सामान्य मानकों के अलावा 10 सबसे पुराने मामलों का निर्णय और निपटान करेंगी। पाक्सो अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतें मामलों को तेजी से ट्रैक करेंगी और मार्च 2023 से पहले शुरू किए गए सभी मामलों का फैसला और निपटान करेंगी। अन्य सभी मामलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करेंगी। एनआईए के तहत गठित विशेष अदालत बीस सबसे पुराने मामलों का फैसला और निपटान करेंगी।
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सिविल न्यायाधीशों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक मजिस्ट्रेट के लिए प्रस्तावित लक्ष्य
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,न्यायिक मजिस्ट्रेट छह महीने के भीतर निर्णय लेंगे और निपटान करेंगे। अंडर ट्रायल कैदियों के सभी आपराधिक मामले (एक साल से पुराने) का निपटान करेंगे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,न्यायिक मजिस्ट्रेट धारा 138 एनआईए अधिनियम के तहत दायर सभी आपराधिक शिकायतों (दो साल से पुरानी) को छह महीने में निपटान करेंगे।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,न्यायिक मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 125/126 के तहत दायर याचिकाओं (दो साल से पुरानी) का निपटान करेंगे। किशोर न्याय बोर्ड अपने समक्ष लंबित जांचों को बच्चे को पहली बार पेश करने की तारीख से चार महीने के भीतर निपटाएंगे।-- -- जेएनएफ
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जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के न्यायालयों के लिए प्रस्तावित लक्ष्य में विचाराधीन कैदियों के सभी मामलों का निर्णय और निपटान करने को कहा गया है। पीडब्ल्यूडीवी अधिनियम के तहत दायर नौ महीने से अधिक समय से निपटान के लिए लंबित अपीलें, आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं(एक साल से लंबित) सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पारित आदेशों के खिलाफ दायर याचिकाएं (नाै माह पुरानी), सभी नागरिक मुकदमों का निर्णय और निपटान (पांच साल से पुराने) को भी प्राथमिकता से निपटाने के लिए कहा गया है।
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विशेष न्यायालयों के लिए प्रस्तावित लक्ष्य
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतें 15 साल से पुराने मामलों का निर्णय और निपटान करेंगी, सीबीआई मामलों के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतें सामान्य मानकों के अलावा 10 सबसे पुराने मामलों का निर्णय और निपटान करेंगी। पाक्सो अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालतें मामलों को तेजी से ट्रैक करेंगी और मार्च 2023 से पहले शुरू किए गए सभी मामलों का फैसला और निपटान करेंगी। अन्य सभी मामलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करेंगी। एनआईए के तहत गठित विशेष अदालत बीस सबसे पुराने मामलों का फैसला और निपटान करेंगी।
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सिविल न्यायाधीशों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक मजिस्ट्रेट के लिए प्रस्तावित लक्ष्य
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,न्यायिक मजिस्ट्रेट छह महीने के भीतर निर्णय लेंगे और निपटान करेंगे। अंडर ट्रायल कैदियों के सभी आपराधिक मामले (एक साल से पुराने) का निपटान करेंगे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,न्यायिक मजिस्ट्रेट धारा 138 एनआईए अधिनियम के तहत दायर सभी आपराधिक शिकायतों (दो साल से पुरानी) को छह महीने में निपटान करेंगे।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,न्यायिक मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 125/126 के तहत दायर याचिकाओं (दो साल से पुरानी) का निपटान करेंगे। किशोर न्याय बोर्ड अपने समक्ष लंबित जांचों को बच्चे को पहली बार पेश करने की तारीख से चार महीने के भीतर निपटाएंगे।