अगले 72 घंटों के लिए थम जाएगी जम्मू की रफ्तार
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एक तरफ भाजपा ढोल-नगाड़े बजाकर जम्मू में एम्स के एलान का स्वागत कर रही है वहीं एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी इसे लोगों के साथ धोखा बताकर शुक्रवार 31 जुलाई से तीन दिन के बंद पर अडिग है।
वीरवार की शाम करीब एक घंटे के लिए तवी पुल पर जाम भी लगाया गया। विपक्षी दलों कांग्रेस, नेकां और पैंथर्स पार्टी ने भी एम्स संबंधी घोषणा को जम्मू के साथ धोखा बताया है।
एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन अभिनव शर्मा ने आपातकालीन प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर कहा कि भाजपा जम्मू के लोगों में भ्रम फैलाकर धोखा कर रही है। जम्मू बंद में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है।
शर्मा ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि जम्मू को भी एम्स दिया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि जम्मू को एम्स की तरह सुविधाएं दी जाएंगी। कोआर्डिनेशन कमेटी को यह स्वीकार नहीं है।
लोगों से तीन दिवसीय बंद की अपील
उन्होंने आरोप लगाया कि बंद को विफल बनाने के लिए यह ड्रामा रचा गया, लेकिन जम्मू के लोग अपने भाजपा की बातों में नहीं आने वाले हैं। शर्मा ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब भाजपा ने जम्मू के लोगों के साथ धोखा किया है।
जनता ने उन्हें 25 सीटों पर जीत दिलाई थी, लेकिन उन्होंने लोगों की भावनाओं के विपरीत पीडीपी से हाथ मिला लिए। उसके बाद जम्मू के लिए घोषित एम्स को कश्मीर शिफ्ट करवा दिया।
18 जून को उपमुख्यमंत्री ने 20 जुलाई तक एम्स सैंक्शन आर्डर लाकर देने का लिखित वादा किया। वह भी अधूरा रहा। अब लोगों में गलत संदेश दिया जा रहा है कि एम्स दे दिया गया है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि तीन दिवसीय बंद के दौरान ‘सिविल कर्फ्यू’ की स्थिति पैदा करें और घरों से बाहर न निकलें।