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बर्खास्तगी को तैयार रहें गैरहाजिर डाक्टर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 28 May 2015 11:58 PM IST
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रियासत में गैरहाजिर चल रहे डाक्टरों को बर्खास्त करने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्य के 137 डाक्टरों को जारी किए गए पंद्रह दिन के फाइनल नोटिस की अवधि शुक्रवार को खत्म हो रही है। इसमें स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू में सिर्फ दस ही डाक्टरों ने रिपोर्ट किया है।
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इसके अलावा दो अन्य डाक्टर भी पहुंचे हैं, लेकिन उनके स्टेटस को देखा जा रहा है। जम्मू संभाग में ऐसे 67 डाक्टर ड्यूटी से गायब हैं, जबकि बाकी कश्मीर संभाग के हैं।
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स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार गैरहाजिर डाक्टरों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की गई है। नियमों के तहत फाइनल नोटिस के बाद ऐसे डाक्टरों की छुट्टी कर दी जाएगी।
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स्वास्थ्य महकमे की सिफारिशों पर सचिवालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट शाखा की ओर से गत 14 मई को गैरहाजिर डाक्टरों को फाइनल नोटिस जारी कर पंद्रह दिन में वापस रिपोर्ट करने का समय दिया था। इस नोटिस में खास यह है कि एनेक्सर ए के तहत जारी नोटिस में गैरहाजिर डाक्टरों को बचाव का मौका नहीं दिया जाएगा।
इसमें अधिकांश मेडिकल अफसर सहित कंसलटेंट गायनी, कंसलटेंट आरथो, कंसलटेंट सर्जन और डेंटल सर्जन शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार गैर हाजिर अधिकांश डाक्टर दूसरे राज्यों या मजबूत निजी क्लीनिकों में सेवाएं दे रहे हैं। इसका बड़ा कारण दूरवर्ती इलाकों को नजरअंदाज करने के साथ राज्य में सरकार द्वारा डाक्टरों को कम वेतन देना भी है।
गैरहाजिर डाक्टरों की बर्खास्तगी करने के साथ खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसमें पीएससी के पास खाली पद भेजे गए हैं।
हालांकि जम्मू संभाग में ही डाक्टरों के करीब दो हजार पदों पर साढ़े पांच सौ पद खाली ही पड़े हुए हैं। दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में डाक्टरों की कमी मरीजों के लिए आफत बनी हुई है। इसमें त्वचा विशेषज्ञ, स्त्री विशेषज्ञ, न्यूरो विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक विशेषज्ञ आदि शामिल हैं।