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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: टीका बना सुरक्षा कवच, किशोर बोले- कोरोना से जंग में टीकाकरण से बढ़ा आत्मविश्वास
Sun, 27 Mar 2022 03:19 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 27 Mar 2022 03:19 PM IST
सार
प्रदेश के करीब सभी जिलों में 15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। इस आयु वर्ग में 8,33,000 अनुमानित आबादी का टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक आबादी जिला जम्मू में 1,03,882 है।
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Covid Vaccination Jammu
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना महामारी के चलते घरों में दुबके किशोर दो साल बाद दोबारा सामान्य गतिविधियों में शामिल होने लगे हैं। जम्मू संभाग में दो साल बाद 12वीं की ऑफलाइन परीक्षाएं हो रही हैं। कोविड टीकाकरण ने किशोरों को सामान्य गतिविधियों में लौटने से पहले आत्मविश्वास बढ़ाया है। किशोरों का कहना है कि टीका लगाने से कोरोना वायरस से बचाव के लिए सुरक्षित कवच मिला है। इस आयु वर्ग में लगभग सभी किशोर टीके की पहली खुराक ले चुके हैं और दूसरी खुराक का लक्ष्य कुछ ही शेष है।
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जम्मू-कश्मीर के चिकित्सा केंद्रों पर 15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण के लिए आना जारी है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। इस आयु वर्ग में 8,33,000 अनुमानित आबादी का टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक आबादी जिला जम्मू में 1,03,882 है।
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अनुमानित आबादी से अधिक 8,53,664 किशोरों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है और यह 102 प्रतिशत है। इसमें विस्थापित श्रेणी के बच्चे भी शामिल हैं, जबकि दूसरी खुराक में अभी 76 फीसदी किशोरों का टीकाकरण किया गया है। प्रदेश के करीब सभी जिलों में आखिरी दौर का टीकाकरण चल रहा है। किशोरों का कहना है कि टीकाकरण ने कोरोना से लड़ने के लिए एक बड़े हथियार के रूप में काम किया है।
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श्रीनगर और किश्तवाड़ जिले पीछे
जम्मू-कश्मीर में 15 से 17 आयु वर्ग के टीकाकरण अभियान में श्रीनगर और किश्तवाड़ पीछे रहे हैं। श्रीनगर में पहली खुराक के तहत अभी तक 77 फीसदी ही टीकाकरण हुआ है और दूसरी खुराक में यह 42 फीसदी है। जिले में अनुमानित आबादी 83,975 है। इसी तरह किश्तवाड़ जिले में पहली खुराक में 66 फीसदी और दूसरी खुराक में 37 फीसदी किशोरों का टीकाकरण हुआ है। यह जिला अन्य आयु वर्ग में भी लगातार पिछड़ा रहा है। जिले में अनुमानित टीकाकरण आबादी 15,666 है।
टीका लगाकर सुरक्षित महसूस कर रहा
कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक ली हैं। आज वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। कोविड से बहुत नुकसान हुआ है। पढ़ाई बाधित हुई है। टीका वायरस से सुरक्षित करता है। - वंश कुमार, छात्र, 11वीं, सरकारी सरकारी एसआरएमएल मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल
कोविड के खिलाफ लड़ाई तेज हुई
किन्हीं कारणों के चलते देरी से कोविड टीके की पहली खुराक ली है। लेकिन अब दूसरी खुराक जल्द लेने की उत्सुकता है, ताकि कोविड के खिलाफ लड़ाई में शामिल हो सकें। - देवेंद्र खजूरिया, छात्र, 11वीं, सरकारी सरकारी एसआरएमएल मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल
कोरोना के खिलाफ टीका ही बचाव
कोविड टीके की दोनों खुराक लेने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है। देश में टीकाकरण से ही कोविड पर नियंत्रण पाया गया है। कोविड जैसे वायरल से लड़ने के लिए टीकाकरण जरूरी है। - हमजा मुस्तफा, छात्र, सरकारी सरकारी एसआरएमएल मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल
सरकार ने टीकाकरण से देश को मजबूत बनाया
टीकाकरण ने सामुदायिक स्तर पर मानव जीवन की रक्षा की है। सरकार ने बच्चों को भी टीकाकरण अभियान में शामिल करके देश को मजबूत बनाया है। - अबरार शाह, छात्र, सरकारी सरकारी एसआरएमएल मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल
टीकाकरण बेहद जरूरी
टीके की दोनों खुराक लेकर सुखद अहसास हुआ है। हालांकि पहले मन में कुछ भ्रांतियां और डर था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। किसी भी वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। - त्रिगुण, छात्र, सरकारी सरकारी एसआरएमएल मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल
अभिभावक टीकाकरण को सुनिश्चित करें
जो किशोर टीकाकरण से बच गए हैं, उनको जल्द यह सुरक्षा लेनी चाहिए। अभिभावकों को भी अपने बच्चों के प्रति टीकाकरण सुनिश्चित करना चाहिए। - शौर्यवीर, छात्र, सरकारी सरकारी एसआरएमएल मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल
अभिभावकों और बच्चों को जागरूक किया
स्कूल में 15 से 17 आयु वर्ग के छात्रों में टीके की दोनों खुराक को सुनिश्चित बनाया गया है। इसके लिए अभिभावकों के साथ बच्चों को जागरूक किया गया है। बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। - अंजली गुप्ता, प्रिंसिपल, सरकारी सरकारी एसआरएमएल मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल
अभिभावक आगे आएं
सरकारी मिडिल स्कूल रिहाड़ी में बच्चे को टीका लगवाने पहुंची निशा ने कहा कि सभी अभिभावकों को आगे आकर अपने बच्चों का टीकाकरण करवाना चाहिए। इससे ही उनके जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।