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बजट सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को मिले एक हजार प्रश्न
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 14 May 2016 06:48 PM IST
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विधानसभा
- फोटो : File Photo
लगभग एक महीने तक चलने वाले बजट सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को लगभग 1000 प्रश्न मिले हैं। शनिवार को प्रश्न देने की समय सीमा बीतने के बाद अब विधानसभा सचिवालय की ओर से इनका परीक्षण किया जा रहा है। विभागवार प्रश्नों को अलग कर उसे संबंधित विभागों के पास भेजा जा रहा है, ताकि सदन में सदस्यों को जवाब दिया जा सके।
विधानसभा तथा विधान परिषद के सदस्यों की कुल संख्या 122 है। इनमें से 24 लोग मंत्रिमंडल के सहयोगी हैं। ऐसे में अन्य विधायकों की ओर से अधिकतम 10 प्रश्न के हिसाब से लगभग एक हजार सवाल विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुए हैं। विधानसभा सचिवालय की ओर से सभी विधायकों से शनिवार तक अधिकतम 10 प्रश्न देने का आग्रह किया गया था।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से संबंधित मंत्रियों को यह हिदायत दी गई है कि प्रश्नों का बिंदुवार उत्तर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही व्यक्तिगत तौर पर उत्तरों का परीक्षण कर लिया जाना चाहिए, ताकि सदन में किसी प्रकार की किरकिरी न होने पाए। सदन में पूरी तैयारी के साथ ही जवाब दिया जाना चाहिए।
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विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता का कहना है कि शनिवार तक प्राप्त प्रश्न, प्रस्ताव तथा बिल का परीक्षण शुरू कर दिया गया है। प्रश्नों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा, जबकि प्रस्ताव तथा बिल का परीक्षण कर यह देखा जाएगा कि कितने को सदन में प्रस्तुत करने की अनुमति दी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह सत्र की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। सुरक्षा संबंधी बैठक के साथ ही सर्वदलीय बैठक भी बुलाई जाएगी। सभी दलों से विधानसभा को शांतिपूर्ण संचालित करने में सहयोग मांगा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा सदस्य अपने क्षेत्र के मुद्दे सदन में उठा सकें।
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विधानसभा तथा विधान परिषद के सदस्यों की कुल संख्या 122 है। इनमें से 24 लोग मंत्रिमंडल के सहयोगी हैं। ऐसे में अन्य विधायकों की ओर से अधिकतम 10 प्रश्न के हिसाब से लगभग एक हजार सवाल विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुए हैं। विधानसभा सचिवालय की ओर से सभी विधायकों से शनिवार तक अधिकतम 10 प्रश्न देने का आग्रह किया गया था।
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सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से संबंधित मंत्रियों को यह हिदायत दी गई है कि प्रश्नों का बिंदुवार उत्तर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही व्यक्तिगत तौर पर उत्तरों का परीक्षण कर लिया जाना चाहिए, ताकि सदन में किसी प्रकार की किरकिरी न होने पाए। सदन में पूरी तैयारी के साथ ही जवाब दिया जाना चाहिए।
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विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता का कहना है कि शनिवार तक प्राप्त प्रश्न, प्रस्ताव तथा बिल का परीक्षण शुरू कर दिया गया है। प्रश्नों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा, जबकि प्रस्ताव तथा बिल का परीक्षण कर यह देखा जाएगा कि कितने को सदन में प्रस्तुत करने की अनुमति दी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह सत्र की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। सुरक्षा संबंधी बैठक के साथ ही सर्वदलीय बैठक भी बुलाई जाएगी। सभी दलों से विधानसभा को शांतिपूर्ण संचालित करने में सहयोग मांगा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा सदस्य अपने क्षेत्र के मुद्दे सदन में उठा सकें।