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किश्तवाड़ में सेना की बड़ी सफलता: पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का सफाया, सुरक्षाबलों ने रची नई शौर्य गाथा
Mon, 23 Feb 2026 01:11 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:11 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन त्राशी और किया के तहत चार कुख्यात पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को ढेर कर दिया।
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बरामद सामग्री
- फोटो : सेना
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विस्तार
किश्तवाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के खिलाफ चलाए गए बड़े ऑपरेशन में सफलता हासिल की है। पिछले महीने से जारी इस बड़े पैमाने के ऑपरेशन में सभी चार कुख्यात आतंकियों को ढेर कर दिया गया है।
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सुरक्षा बलों ने अप्रैल, मई 2025 से ही इलाके में सक्रिय एक बड़े आतंकवादी समूह का पीछा किया था। अप्रैल 2025 में तीन मुख्य आतंकियों को मार गिराया गया था, लेकिन समूह के सदस्य सैफुल्लाह और उसके सहयोगी आदिल तथा दो अन्य आतंकवादी अब भी सक्रिय थे।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, और सेना की संयुक्त कार्रवाई के तहत 14 जनवरी 2026 को ऑपरेशन त्राशी-I शुरू किया गया। ऑपरेशन में व्हाइट नाइट कॉर्प्स की सीआईएफ डेल्टा टुकड़ी, असम राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर आतंकियों का पता लगाया।
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18 जनवरी 2026 को आतंकियों के मजबूत ठिकाने पर संपर्क स्थापित किया गया और उनका भंडार जब्त किया गया। लगातार पीछा और अन्य ऑपरेशनों के दौरान 4 फरवरी 2026 को आतंकवादी आदिल को निष्क्रिय किया गया। इसी दिन ऑपरेशन किया में दो अन्य आतंकवादी भी ढेर हुए।
22 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 11 बजे आतंकियों के साथ अंतिम भिड़ंत हुई। कठिन और खुरदरे पहाड़ी इलाके तथा कठिन मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने उत्कृष्ट रणनीति और अंतर-एजेंसी समन्वय दिखाते हुए तीन आतंकियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में सेना के प्रशिक्षित कुत्ते टायसन की भूमिका भी सराहनीय रही, जिन्होंने आतंकियों की मौजूदगी का पता लगाया और गोलीबारी के दौरान घायल हुए।
तलाशी के दौरान तीन एके-47 राइफल और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई। सुरक्षा बलों ने इस लंबे ऑपरेशन में शून्य नुकसान सुनिश्चित किया। ऑपरेशन में सेना, सीआरपीएफ और जेकेपी की एसओजी की बेहतरीन समन्वय क्षमता देखने को मिली।
सीआईएफ व्हाइट नाइट कॉर्प्स, नॉर्दर्न कमांड के अधीन, जेकेपी और सीआरपीएफ के सहयोग से पिछले 20 दिनों में कुल 6 पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को निष्क्रिय कर चुकी है। यह फोर्स इलाके में निरंतर खुफिया-आधारित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बनाए रखेगी और आतंकवादियों को सक्रिय नहीं होने देगी।