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Jammu News: भारत की वर्दी से अमेरिका की सैन्य सेवा तक पहुंची परिवार की गौरवगाथा
Fri, 23 Oct 2026 02:03 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:03 AM IST
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आरएस पुर के सीमांत गांव पीड़ी सरोचकला निवासी राज सिंह के बेटे ने पेश की मिसाल
सुभाष चंद्र
आरएस पुरा। देश की 19 पंजाब रेजिमेंट का हिस्सा बनकर की देश सेवा, अब अमेरिका में बेटे ने सैन्य सेवा की राह चुनी। राज सिंह के परिवार ने क्षेत्र व देश का नाम रौशन किया। देश सेवा का जज्बा जब परिवार की रगों में बस जाए तो सीमाएं भी उस जुनून को रोक नहीं सकतीं। ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल पेश की है आरएस पुर के सीमांत गांव पीड़ी सरोचकला निवासी राज सिंह के बेटे जसनदीप सिंह की।
राज सिंह 19 पंजाब रेजिमेंट में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए। भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने के बाद उन्होंने जीवन में कड़ी मेहनत की और अमेरिका में अपना नया मुकाम बनाया। राज सिंह ने भारत की धरती पर रहकर जिस सेवा और अनुशासन की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाया, वही संस्कार अब अगली पीढ़ी तक पहुंच रहे हैं। उनके बेटे जसनदीप सिंह ने भी अमेरिका की सैन्य सेवा में भर्ती होकर देश सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। यह केवल एक परिवार की उपलब्धि नहीं बल्कि उस सेवा भावना की मिसाल है जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ रही है।
एक पिता के रूप में उन्होंने स्वयं वर्दी पहनकर देश सेवा की और अब उनका बेटा भी सैन्य वर्दी धारण कर सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। भारतीय सेना की सेवा से लेकर अमेरिका में बेटे की सैन्य सेवा तक का यह सफर मेहनत, अनुशासन, समर्पण और देश के प्रति कर्तव्य भावना की अनूठी कहानी है। राज सिंह ने अपनी मेहनत और संघर्ष से अमेरिका में स्वयं को स्थापित किया और अब उनके बेटे जसनदीप सिंह ने सैन्य सेवा में कदम रखना परिवार के लिए गर्व का विषय है। भारत देश की धरती पर शुरू हुई सेवा की यह भावना अब अमेरिका की धरती पर भी आगे बढ़ रही है। वर्दी बदली है, देश बदला है, लेकिन सेवा और समर्पण का जज्बा वही है। (संवाद)
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सुभाष चंद्र
आरएस पुरा। देश की 19 पंजाब रेजिमेंट का हिस्सा बनकर की देश सेवा, अब अमेरिका में बेटे ने सैन्य सेवा की राह चुनी। राज सिंह के परिवार ने क्षेत्र व देश का नाम रौशन किया। देश सेवा का जज्बा जब परिवार की रगों में बस जाए तो सीमाएं भी उस जुनून को रोक नहीं सकतीं। ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल पेश की है आरएस पुर के सीमांत गांव पीड़ी सरोचकला निवासी राज सिंह के बेटे जसनदीप सिंह की।
राज सिंह 19 पंजाब रेजिमेंट में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए। भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने के बाद उन्होंने जीवन में कड़ी मेहनत की और अमेरिका में अपना नया मुकाम बनाया। राज सिंह ने भारत की धरती पर रहकर जिस सेवा और अनुशासन की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाया, वही संस्कार अब अगली पीढ़ी तक पहुंच रहे हैं। उनके बेटे जसनदीप सिंह ने भी अमेरिका की सैन्य सेवा में भर्ती होकर देश सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। यह केवल एक परिवार की उपलब्धि नहीं बल्कि उस सेवा भावना की मिसाल है जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ रही है।
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एक पिता के रूप में उन्होंने स्वयं वर्दी पहनकर देश सेवा की और अब उनका बेटा भी सैन्य वर्दी धारण कर सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। भारतीय सेना की सेवा से लेकर अमेरिका में बेटे की सैन्य सेवा तक का यह सफर मेहनत, अनुशासन, समर्पण और देश के प्रति कर्तव्य भावना की अनूठी कहानी है। राज सिंह ने अपनी मेहनत और संघर्ष से अमेरिका में स्वयं को स्थापित किया और अब उनके बेटे जसनदीप सिंह ने सैन्य सेवा में कदम रखना परिवार के लिए गर्व का विषय है। भारत देश की धरती पर शुरू हुई सेवा की यह भावना अब अमेरिका की धरती पर भी आगे बढ़ रही है। वर्दी बदली है, देश बदला है, लेकिन सेवा और समर्पण का जज्बा वही है। (संवाद)
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