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Jammu News: उदास शाम है, ख्वाब में ढली तो है, यही बहुत है ताजा हवा चली तो है
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प्रस्तुति देते लोक कलाकार फैयाज शिलवती।
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श्रीनगर। हालिया आतंकी हमले के बाद ठिठके पहलगाम के पर्यटन को पुनर्जीवित करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। घाटी के लोग इस हमले से आहत हैं, लेकिन जिंदगी को सामान्य पटरी पर लाने के प्रयास जारी हैं। इसी भावना के साथ सोमवार को टैगोर हॉल में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत मशहूर पंक्तियों “उदास शाम है, ख्वाब में ढली तो है, यही बहुत है ताज़ा हवा चली तो है...” से की गई।
इस मौके को कश्मीर के सिनेमाई इतिहास में एक नई शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान कन्नड़ और कश्मीरी भाषा में बनी फिल्म हरमुख का पोस्टर, टीजर और गीतों का लोकार्पण किया गया।
मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने कहा, कश्मीर की मेहमाननवाजी, गर्मजोशी और इंसानियत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की जरूरत है। इस फिल्म के जरिए हमारी संस्कृति और व्यवहार को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि कश्मीर के युवाओं में भरपूर प्रतिभा है, उन्हें सिर्फ उचित मंच की आवश्यकता है।
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फिल्म हरमुख के निर्माता और मुख्य अभिनेता आयाश आरिफ ने बताया कि यह फिल्म दो भिन्न संस्कृतियों के दो परिवारों की कहानी है, जो एक-दूसरे को समझने और अपनाने की कोशिश करते हैं। फिल्म का निर्देशन और कहानी दक्षिण भारतीय फिल्मकार अशोक कश्यप ने की है, जो कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता को भी खूबसूरती से प्रदर्शित करती है।
कार्यक्रम में लोक कलाकार फैयाज शिलवती ने भावविभोर कर देने वाली प्रस्तुति दी। वहीं, स्कूली बच्चों ने भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में प्रोडक्शन डिजाइनर जहूर जाहिद ने सभी दर्शकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर एकेडमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेजेस के अतिरिक्त सचिव एसजीएल अहमद सलीम और खानसाहिब निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सैफ भट्ट उपस्थित थे।
पर्यटन बहाली की उम्मीद
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों, सलाहकार, विधायक और अन्य अतिथियों ने एकमत से कहा कि फिल्म में कश्मीर की वादियों और स्थानीय लोगों के व्यवहार को जिस सुंदरता से दर्शाया गया है, वह पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद करेगा। चूंकि दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर आते हैं, ऐसे में कन्नड़ भाषा में बनी यह फिल्म उन्हें खास रूप से जोड़ेगी। फिल्म के गीत भी कश्मीरी और कन्नड़ भाषा में फिल्माए गए हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच को और बढ़ाएंगे।
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इस मौके को कश्मीर के सिनेमाई इतिहास में एक नई शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान कन्नड़ और कश्मीरी भाषा में बनी फिल्म हरमुख का पोस्टर, टीजर और गीतों का लोकार्पण किया गया।
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मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने कहा, कश्मीर की मेहमाननवाजी, गर्मजोशी और इंसानियत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की जरूरत है। इस फिल्म के जरिए हमारी संस्कृति और व्यवहार को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि कश्मीर के युवाओं में भरपूर प्रतिभा है, उन्हें सिर्फ उचित मंच की आवश्यकता है।
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फिल्म हरमुख के निर्माता और मुख्य अभिनेता आयाश आरिफ ने बताया कि यह फिल्म दो भिन्न संस्कृतियों के दो परिवारों की कहानी है, जो एक-दूसरे को समझने और अपनाने की कोशिश करते हैं। फिल्म का निर्देशन और कहानी दक्षिण भारतीय फिल्मकार अशोक कश्यप ने की है, जो कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता को भी खूबसूरती से प्रदर्शित करती है।
कार्यक्रम में लोक कलाकार फैयाज शिलवती ने भावविभोर कर देने वाली प्रस्तुति दी। वहीं, स्कूली बच्चों ने भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में प्रोडक्शन डिजाइनर जहूर जाहिद ने सभी दर्शकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर एकेडमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेजेस के अतिरिक्त सचिव एसजीएल अहमद सलीम और खानसाहिब निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सैफ भट्ट उपस्थित थे।
पर्यटन बहाली की उम्मीद
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों, सलाहकार, विधायक और अन्य अतिथियों ने एकमत से कहा कि फिल्म में कश्मीर की वादियों और स्थानीय लोगों के व्यवहार को जिस सुंदरता से दर्शाया गया है, वह पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद करेगा। चूंकि दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर आते हैं, ऐसे में कन्नड़ भाषा में बनी यह फिल्म उन्हें खास रूप से जोड़ेगी। फिल्म के गीत भी कश्मीरी और कन्नड़ भाषा में फिल्माए गए हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच को और बढ़ाएंगे।