हिंसा के खौफ पर भारी पड़ी बच्चों की हिम्मत, कश्मीर बोर्ड परीक्षा में 99% छात्र हुए शामिल
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अलगाववादियों की राष्ट्र विरोधी नीतियों पर कश्मीर में युवा वर्ग ने मंगलवार को भी जमकर प्रहार किया। सोमवार को 12वीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू होने के बाद मंगलवार को 10वीं की परीक्षाएं भी शुरू हो गईं। 99 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। बच्चों और उनके अभिभावकों के अनुसार अपना भविष्य संवारने और उज्ज्वल रखने के लिए परीक्षा काफी जरूरी थी।
10वीं कक्षा की परीक्षा में 56623 में से 56219 विद्यार्थी हाजिर रहे। 550 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। अच्छी बात यह थी कि बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए अभिभावक भी परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। बेटी के साथ परीक्षा केंद्र पहुंची उसकी वालिदा दीबा के अनुसार परीक्षा होने से उनके बच्चों का एक साल जाया होने से बच गया। परीक्षा देकर बाहर निकली छात्रा बाजिल के अनुसार पेपर उनसे किए वादे के मुताबिक ही था।
एक और छात्रा जरका के अनुसार नवंबर में परीक्षा होने से अब उन्हें सर्दियों में ट्यूशन कर अगली कक्षा के लिए भी तैयारी का समय मिलेगा। हालांकि, उसका कहना था कि चार महीनों से स्कूल कालेज-बंद रहने से शिक्षा का काफी नुकसान हुआ। सीईओ श्रीनगर आरिफ मलिक ने बताया कि परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह है। परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त हैं।
अपने आप में शक्तिशाली सर्जिकल स्ट्राइक : जावडेकर
जम्मू-कश्मीर में बोर्ड की परीक्षा में अधिक से अधिक संख्या में विद्यार्थियों के शामिल होने पर केंद्रीय मानव एवं संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इसे अपने आप में ही एक शक्तिशाली सर्जिकल स्ट्राइक बताया। कहा कि हमारा देश शिक्षा व उन्नति पर भरोसा करता है।
विद्यार्थियों का यह कदम दिखाता है कि कोई भी ताकत अब देश की सफलता में बाधक नहीं बन सकती। जावडेकर ने सभी छात्रों और उनके अभिभावकों का देश को मजबूती प्रदान करने के लिए अभिनंदन किया।