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शहर में सांप से ज्यादा कुतों का खौफ
Updated Tue, 22 May 2018 02:25 PM IST
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कठुआ। अगर घर से बाहर निकल रहे हैं तो संभल जाएं। पागल कुत्ते कभी भी आप पर हमला कर सकते हैं। इसके बाद आपको अस्पताल में भी इलाज नहीं नहीं मिलेगा, क्योंकि अस्पताल में अभी एंटी रेबीज इंजेक्शन मौजूद नहीं है। हालांकि यदि किसी को सांप काटता है तो अस्पताल में एंटी वेनम इंजेक्शन मौजूद है। 2016-17 में रेबीज के 638, जबकि सर्प दंश के 693 मामले आए। 2017-18 में अब तक रेबीज के 866, जबकि रेबीज के 327 मामले सामने आए हैं। जाहिर है अभी पूरा साल बाकी है, ऐसे में रेबीज के मामले और बढ़ सकते हैं।
पीक महीनों में ही जब इंजेक्शन मौजूद नहीं है तो फिर बाकी के महीनों में इंजेक्शन होने की आशा करना ही बेमानी है। मई और जून महीने इन पागल कुत्तों के आतंक के महीने कहे जा सकते हैं। पिछले साल और अब तक की हुई घटनाओं से तो ऐसा ही लगता है। मई महीने का पहला पखवाड़ा ही चल रहा है और जिला अस्पताल में तीन दिनों में सोलह लोग कुत्तों के काटने से पहुंच चुके हैं। यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। मई, जून ही नहीं जुलाई महीना भी आम लोगों के लिए आतंक का कारण बनता है। यह महीना सर्प दंश के मामलों के नाम रहता है। पिछले साल अकेले जुलाई महीने में ही 114 लोगों केे सर्प ने काटा था। ऐसे में इन तीन महीनों में अपना ख्याल स्वयं ही रखें। हालांकि सर्प दंश के लिए अस्पताल में एंटी वेनम इंजेक्शन मौजूद हैं, लेकिन कुत्ते ने काटा तो निजी तौर पर ही इलाज करवाना पड़ेगा। एंटी रेबीज इंजेक्शन की कीमत 250 रुपये से 400 रुपये है, जबकि अस्पताल में यह मुफ्त में मिलता है।
सर्प दंश से रेबीज के मामले ज्यादा
2016-17 में रेबीज के 638 और सर्प दंश के 693 मामले जिला अस्पताल में आए। इस साल अब तक रेबीज के 866 और सर्प दंश के 327 मामले आए हैं। आंकड़ों से साफ है किजहां सर्प दंश के मामलों में कमी आई है, वहीं रेबीज के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जबकि अभी पूरा साल बाकी है। प्रति महीने के हिसाब से बात करें तो एक महीने में कुत्ते 72 लोगों केे अपना शिकार बनाते हैं और सांप 27 को, लेकिन पीक सीजन में यानी मई और जून में रेबीज के मामलों में बढ़ोतरी होती है और आंकड़े प्रति माह से दो गुना हो जाते हैं। यदि जुलाई के महीने में सर्प दंश के मामलों में लगभग पांच गुना की बढ़ोतरी होती है।
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2017 में रेबीज और सर्प दंश के आंकड़े
माह रेबीज सर्प दंश
अप्रैल 63 00
मई 127 00
जून 140 31
जुलाई 48 114
अगस्त 80 63
सितंबर 95 57
अक्तूबर 55 44
नवंबर 42 08
दिसंबर 42 02
जनवरी 62 00
फरवरी 49 01
मार्च 63 07
कुल 866 327
दवा आने में निकल जाता है महीने से ज्यादा का वक्त
सर्प दंश के लिए जिला अस्पताल में एंटी वेनम इंजेक्शन जिला अस्पताल के स्टोर में मौजूद है, लेकिन एंटी रेबीज इंजेक्शन अभी आना बाकी है। जिला अस्पताल को सरकार के स्वास्थ्य विभाग से ही दवा सप्लाई की जाती है, कागजी प्रक्रिया इतनी लंबी है कि दवा आने और जांच में ही डेढ़ महीने का समय निकल जाता है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में एंटी रेबीज दवा 15-20 दिन में आ जाएगी।
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पीक महीनों में ही जब इंजेक्शन मौजूद नहीं है तो फिर बाकी के महीनों में इंजेक्शन होने की आशा करना ही बेमानी है। मई और जून महीने इन पागल कुत्तों के आतंक के महीने कहे जा सकते हैं। पिछले साल और अब तक की हुई घटनाओं से तो ऐसा ही लगता है। मई महीने का पहला पखवाड़ा ही चल रहा है और जिला अस्पताल में तीन दिनों में सोलह लोग कुत्तों के काटने से पहुंच चुके हैं। यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। मई, जून ही नहीं जुलाई महीना भी आम लोगों के लिए आतंक का कारण बनता है। यह महीना सर्प दंश के मामलों के नाम रहता है। पिछले साल अकेले जुलाई महीने में ही 114 लोगों केे सर्प ने काटा था। ऐसे में इन तीन महीनों में अपना ख्याल स्वयं ही रखें। हालांकि सर्प दंश के लिए अस्पताल में एंटी वेनम इंजेक्शन मौजूद हैं, लेकिन कुत्ते ने काटा तो निजी तौर पर ही इलाज करवाना पड़ेगा। एंटी रेबीज इंजेक्शन की कीमत 250 रुपये से 400 रुपये है, जबकि अस्पताल में यह मुफ्त में मिलता है।
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सर्प दंश से रेबीज के मामले ज्यादा
2016-17 में रेबीज के 638 और सर्प दंश के 693 मामले जिला अस्पताल में आए। इस साल अब तक रेबीज के 866 और सर्प दंश के 327 मामले आए हैं। आंकड़ों से साफ है किजहां सर्प दंश के मामलों में कमी आई है, वहीं रेबीज के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जबकि अभी पूरा साल बाकी है। प्रति महीने के हिसाब से बात करें तो एक महीने में कुत्ते 72 लोगों केे अपना शिकार बनाते हैं और सांप 27 को, लेकिन पीक सीजन में यानी मई और जून में रेबीज के मामलों में बढ़ोतरी होती है और आंकड़े प्रति माह से दो गुना हो जाते हैं। यदि जुलाई के महीने में सर्प दंश के मामलों में लगभग पांच गुना की बढ़ोतरी होती है।
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2017 में रेबीज और सर्प दंश के आंकड़े
माह रेबीज सर्प दंश
अप्रैल 63 00
मई 127 00
जून 140 31
जुलाई 48 114
अगस्त 80 63
सितंबर 95 57
अक्तूबर 55 44
नवंबर 42 08
दिसंबर 42 02
जनवरी 62 00
फरवरी 49 01
मार्च 63 07
कुल 866 327
दवा आने में निकल जाता है महीने से ज्यादा का वक्त
सर्प दंश के लिए जिला अस्पताल में एंटी वेनम इंजेक्शन जिला अस्पताल के स्टोर में मौजूद है, लेकिन एंटी रेबीज इंजेक्शन अभी आना बाकी है। जिला अस्पताल को सरकार के स्वास्थ्य विभाग से ही दवा सप्लाई की जाती है, कागजी प्रक्रिया इतनी लंबी है कि दवा आने और जांच में ही डेढ़ महीने का समय निकल जाता है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में एंटी रेबीज दवा 15-20 दिन में आ जाएगी।