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प्रदेश में 75 नए पर्यटन स्थलों का विस्तार होगा
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जम्मू। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने जम्मू-कश्मीर में 75 नए पर्यटन स्थलों के विस्तारीकरण पर जोर दिया है। इन स्थलों पर मनोरंजक गतिविधियों के साथ भोजनालय, विश्रामगृह आदि सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इन पर्यटन स्थलों के आसपास नवंबर से जनवरी तक तीन माह पर्यटन उत्सव आयोजित किया जाएगा। जम्मू कश्मीर की संस्कृति, विरासत को संरक्षित, पुनर्स्थापित और बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों से बैठक कर पर्यटन गतिविधियों की समीक्षा के साथ नए पर्यटन स्थलों के विकास पर चर्चा की।
मुख्य सचिव को बताया गया कि पर्यटन विभाग की ओर से घरेलू व विदेशी पर्यटकों को खींचने के लिए कई गतिविधियां की जा रही हैं। प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में देश के प्रमुख शहरों में रोड शो किए गए हैं। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में आइकोनिक सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें हफीज नगमा, कलाम ए खुसरो, कलाम ए बाबा फरीद, कव्वाली, बाउल सूफी लोक, दरविश सूफी नृत्य और हाजिरी कथक शामिल हैं। इसी तरह साहित्य सेमीनार में सूफिज्यम और स्थानीय कला, कैलिग्राफी और सूफी परंपरा पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विभाग की ओर से सोनमर्ग अतुमन उत्सव, पहलगाम विंटर उत्सव, खादिनयार संस्कृति उत्सव, गुलमर्ग स्नो उत्सव, बसोहली आर्ट उत्सव, माता वैष्णो देवी संगीत सम्मेलन, किश्तवाड़ सैफरान पल्किंग उत्सव और सुचेतगढ़ सीमा दर्शन शामिल हैं। अतुमन और हाउसबोट उत्सव, सैफरान उत्सव, क्रिसमस और न्यू ईयर उत्सव कश्मीर आधारित पर्यटन स्थलों पर करवाए जाएंगे। ग्रामीण पर्यटन में जम्मू और कश्मीर में कई ग्रामीण सर्किट की शिनाख्त की गई है। इसमें होकरसर-परिहासपोरा-गोहान गुलमर्ग, वादेरबाला, नौगाम-मवार-लोलाब, कुपवाड़ा, चरी एस हरीफ, दूधपत्री-यूनुस मार्ग, बड़गाम और सादेरकोट-पईन वटलाब, बांदीपोरा शामिल हैं।
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मुख्य सचिव को बताया गया कि पर्यटन विभाग की ओर से घरेलू व विदेशी पर्यटकों को खींचने के लिए कई गतिविधियां की जा रही हैं। प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में देश के प्रमुख शहरों में रोड शो किए गए हैं। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में आइकोनिक सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें हफीज नगमा, कलाम ए खुसरो, कलाम ए बाबा फरीद, कव्वाली, बाउल सूफी लोक, दरविश सूफी नृत्य और हाजिरी कथक शामिल हैं। इसी तरह साहित्य सेमीनार में सूफिज्यम और स्थानीय कला, कैलिग्राफी और सूफी परंपरा पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विभाग की ओर से सोनमर्ग अतुमन उत्सव, पहलगाम विंटर उत्सव, खादिनयार संस्कृति उत्सव, गुलमर्ग स्नो उत्सव, बसोहली आर्ट उत्सव, माता वैष्णो देवी संगीत सम्मेलन, किश्तवाड़ सैफरान पल्किंग उत्सव और सुचेतगढ़ सीमा दर्शन शामिल हैं। अतुमन और हाउसबोट उत्सव, सैफरान उत्सव, क्रिसमस और न्यू ईयर उत्सव कश्मीर आधारित पर्यटन स्थलों पर करवाए जाएंगे। ग्रामीण पर्यटन में जम्मू और कश्मीर में कई ग्रामीण सर्किट की शिनाख्त की गई है। इसमें होकरसर-परिहासपोरा-गोहान गुलमर्ग, वादेरबाला, नौगाम-मवार-लोलाब, कुपवाड़ा, चरी एस हरीफ, दूधपत्री-यूनुस मार्ग, बड़गाम और सादेरकोट-पईन वटलाब, बांदीपोरा शामिल हैं।
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