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जच्चा बच्चा मेटरनिटि युनिट खुलने की जगी उम्मीद।
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रियासी। मुख्य बाजार में स्थित पुराने अस्पताल की खाली बिल्डिंग में जच्चा बच्चा मेटरनिटी यूनिट के खुलने की उम्मीद प्रबल हुई है। दो दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अस्पताल का दौरा कर वहां की पूरी स्थिति को जाना। मौजूदा समय के दौरान इमारत में बीएमओ का कार्यालय चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 की शुरुआत में जिला प्रशासन के रवैये के चलते हुए अस्पताल को रातोंरात अगार बल्लिया में बनाई गई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया था। इस का बाद में कस्बे के लोगों ने विरोध किया था। प्रशासन के साथ ही पीडीपी-भाजपा की गठबंधन सरकार को भी कोसा गया था। स्थानीय लोगों की गठित कमेटी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह का पूरी तरह से बहिष्कार करते हुए बाजार में राष्ट्र्रीय ध्वज फहराया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. मुफ्ती मोहम्मद सईद ने जिला विकास बोर्ड की बैठक में जहां पर जच्चा बच्चा मेटरनिटी यूनिट के खोले जाने की घोषणा की थी। बाद में सरकार में हुई आपसी उठापटक के बाद मामला अधर में लटक गया। बावजूद इसके भी मेटरनिटी यूनिट खोले जाने के लिए गठित की गई कमेटी के सदस्यों ने कागजी कार्रवाई जारी रखा। इस दौरान कमेटी के सदस्य समय समय के अनुसार स्वास्थ्य निदेशक राज्यपाल के सलाहकार से मिलते रहे। दो दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हुए दौरे को लेकर के कमेटी के प्रधान डाक्टर सुखदेव शर्मा ने कहा कि उनको उम्मीद है कि राज्यपाल शासन के दौरान सभी प्रकार के कार्य अंजाम तक पहुंचे है। पुराने अस्पताल के स्थान पर मेटरनिटी यूनिट भी जल्द ही सुचारु होगी। इसकी उन्हें पूरी उम्मीद है। लोगों की समस्याओं का समाधान होगा तथा उन्हें परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
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गौरतलब है कि वर्ष 2015 की शुरुआत में जिला प्रशासन के रवैये के चलते हुए अस्पताल को रातोंरात अगार बल्लिया में बनाई गई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया था। इस का बाद में कस्बे के लोगों ने विरोध किया था। प्रशासन के साथ ही पीडीपी-भाजपा की गठबंधन सरकार को भी कोसा गया था। स्थानीय लोगों की गठित कमेटी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह का पूरी तरह से बहिष्कार करते हुए बाजार में राष्ट्र्रीय ध्वज फहराया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. मुफ्ती मोहम्मद सईद ने जिला विकास बोर्ड की बैठक में जहां पर जच्चा बच्चा मेटरनिटी यूनिट के खोले जाने की घोषणा की थी। बाद में सरकार में हुई आपसी उठापटक के बाद मामला अधर में लटक गया। बावजूद इसके भी मेटरनिटी यूनिट खोले जाने के लिए गठित की गई कमेटी के सदस्यों ने कागजी कार्रवाई जारी रखा। इस दौरान कमेटी के सदस्य समय समय के अनुसार स्वास्थ्य निदेशक राज्यपाल के सलाहकार से मिलते रहे। दो दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हुए दौरे को लेकर के कमेटी के प्रधान डाक्टर सुखदेव शर्मा ने कहा कि उनको उम्मीद है कि राज्यपाल शासन के दौरान सभी प्रकार के कार्य अंजाम तक पहुंचे है। पुराने अस्पताल के स्थान पर मेटरनिटी यूनिट भी जल्द ही सुचारु होगी। इसकी उन्हें पूरी उम्मीद है। लोगों की समस्याओं का समाधान होगा तथा उन्हें परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
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