{"_id":"5c97ea5bbdec22144f417573","slug":"71553459803-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तानी गोलाबारी से पुंछ के शाहपुर सेक्टर में कई घरों को पहुंचा नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाकिस्तानी गोलाबारी से पुंछ के शाहपुर सेक्टर में कई घरों को पहुंचा नुकसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुंछ। जिले के शाहपुर सेक्टर में शनिवार देर शाम से रविवार सुबह तक पाकिस्तानी सेना ने भारी गोलाबारी कर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। इस दौरान एलओसी स्थित कीरनी, मंधार और शाहपुर सेक्टर में 120 एमएम के मोर्टार दागे गए, जिनसे शाहपुर में कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। गोलाबारी में एक मोर्टार ग्रामीण नजीर हुसैन के कच्चे मकान की छत को चीरता हुआ अंदर आ कर फटा, जिससे पूरा परिवार बाल-बाल बच गया।
नजीर हुसैन ने बताया कि खुदा का शुक्र है कि जब गांव में गोले गिरना शुरू हुए तो बाहर वाले कमरे से निकल कर पीछे वाले कमरे में चले गए थे। जैसे ही हम लोग पीछे वाले कमरे में पहुंचे तो एक गोला कमरे की छत को चीरता हुआ अंदर आ कर फटा, जिससे काफी नुकसान हुआ है। परिवार ने पूरी रात रो-रो कर काटी है। पूरी रात यह डर सता रहा था कि कहीं कोई और गोला घर पर न गिर जाए। गांव में गिर रहे गोलों के धमाकों से पूरी रात भयभीत रहे हैं। आशा ही नहीं थी कि हम सुबह तक जिंदा बचेंगे।
बंकर नहीं बनने का है मलाल
नजीर हुसैन के अनुसार पाकिस्तान गांव के वार्ड छह को सबसे अधिक निशाना बनाता है। वह कभी सुधरा नहीं है और न ही कभी सुधरेगा। मगर मलाल अपनी सरकार से है। क्योंकि घोषणा के बाद से आजतक बंकर का निर्माण नहीं हो पाया है। बार-बार गुहार लगाने के बाद करीब तीन महीने पहले ठेकेदार यहां आया था और बंकर बनाने के लिए जगह देख गया था। मगर आजतक गांव में बंकर का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में हमारे जिंदा रहने की गारंटी नहीं है। इसलिए प्रशासन से मांग है कि जल्द बंकर का निर्माण किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
नजीर हुसैन ने बताया कि खुदा का शुक्र है कि जब गांव में गोले गिरना शुरू हुए तो बाहर वाले कमरे से निकल कर पीछे वाले कमरे में चले गए थे। जैसे ही हम लोग पीछे वाले कमरे में पहुंचे तो एक गोला कमरे की छत को चीरता हुआ अंदर आ कर फटा, जिससे काफी नुकसान हुआ है। परिवार ने पूरी रात रो-रो कर काटी है। पूरी रात यह डर सता रहा था कि कहीं कोई और गोला घर पर न गिर जाए। गांव में गिर रहे गोलों के धमाकों से पूरी रात भयभीत रहे हैं। आशा ही नहीं थी कि हम सुबह तक जिंदा बचेंगे।
विज्ञापन
बंकर नहीं बनने का है मलाल
नजीर हुसैन के अनुसार पाकिस्तान गांव के वार्ड छह को सबसे अधिक निशाना बनाता है। वह कभी सुधरा नहीं है और न ही कभी सुधरेगा। मगर मलाल अपनी सरकार से है। क्योंकि घोषणा के बाद से आजतक बंकर का निर्माण नहीं हो पाया है। बार-बार गुहार लगाने के बाद करीब तीन महीने पहले ठेकेदार यहां आया था और बंकर बनाने के लिए जगह देख गया था। मगर आजतक गांव में बंकर का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में हमारे जिंदा रहने की गारंटी नहीं है। इसलिए प्रशासन से मांग है कि जल्द बंकर का निर्माण किया जाए।
विज्ञापन