{"_id":"5c388726bdec22732d01fa72","slug":"71547208486-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरमीन मार्ग पर कीचड़ ही कीचड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरमीन मार्ग पर कीचड़ ही कीचड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। उधमपुर-घोरडी मार्ग के चौड़ीकरण का काम धीमी गति से होने से बरमीन के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बरमीन में मार्ग को चौड़ा करने के लिए की गई पहाड़ी की कटाई के बाद पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया है। पैदल चलना दूर वाहन का चलना भी मुश्किल हो गया है।
बरमीन में रहने वाले अजय पादा, जोश भट्टी व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले पीडब्लयूडी ने उधमपुर-घोरडी मार्ग को चौड़ा करने का काम शुरू किया था। इसी के तहत बरमीन में पहाड़ को काट कर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। कटाई के बाद मिट्टी को किनारे पर ही रखा गया। जब बारिश हुई तो पूरी मिट्टी पर फैल गई और कीचड़ में तब्दील हो गई। मौजूदा समय में पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील है और हर रोज वाहन दुर्घटना का शिकार होते होते बच रहे हैं। पैदल चलने वाले ग्रामीणों के लिए चलने का स्थान ही नहीं बचा है। मजबूरन सभी कीचड़ के बीच से होकर चल रहे हैं। इस परेशानी का सबसे बड़ा कारण धीमी गति में चल रहा निर्माण कार्य है। कटाई का काम बहुत ही धीमी गति से किया जा रहा है। कई बार काम बंद हुआ है और कई बार शुरू किया गया है। इसलिए बार बार इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि सबसे पहले मार्ग से कीचड़ हटाकर परेशानी को दूर किया जाए और फिर मार्ग को चौड़ा करने का काम जल्द पूरा किया जाए।
विज्ञापन
बरमीन में रहने वाले अजय पादा, जोश भट्टी व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले पीडब्लयूडी ने उधमपुर-घोरडी मार्ग को चौड़ा करने का काम शुरू किया था। इसी के तहत बरमीन में पहाड़ को काट कर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। कटाई के बाद मिट्टी को किनारे पर ही रखा गया। जब बारिश हुई तो पूरी मिट्टी पर फैल गई और कीचड़ में तब्दील हो गई। मौजूदा समय में पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील है और हर रोज वाहन दुर्घटना का शिकार होते होते बच रहे हैं। पैदल चलने वाले ग्रामीणों के लिए चलने का स्थान ही नहीं बचा है। मजबूरन सभी कीचड़ के बीच से होकर चल रहे हैं। इस परेशानी का सबसे बड़ा कारण धीमी गति में चल रहा निर्माण कार्य है। कटाई का काम बहुत ही धीमी गति से किया जा रहा है। कई बार काम बंद हुआ है और कई बार शुरू किया गया है। इसलिए बार बार इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि सबसे पहले मार्ग से कीचड़ हटाकर परेशानी को दूर किया जाए और फिर मार्ग को चौड़ा करने का काम जल्द पूरा किया जाए।
विज्ञापन