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हड़ताल तीस तक स् थगित
Updated Tue, 22 May 2018 02:25 PM IST
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जम्मू। क्लेरिकल स्टाफ के वेतन विसंगति मसले को 30 दिनों के अंदर हल किया जाएगा। कैबिनेट में भी क्लर्कों की मांगों को रखा जाएगा। वित्त विभाग से तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद वेतन विसंगति दूर कर क्लर्कों को लाभ पहुंचाया जाएगा। वित्त मंत्री सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने जेके लद्दाख आल डिपार्टमेंट क्लेरिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता के लिए श्रीनगर में आयोजित बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि मसले को हल करने के लिए आंदोलनकारियों से 30 दिनों का समय मांगा गया है। जिसके बाद क्लेरिकल स्टाफ ने 30 दिनों के लिए हड़ताल को स्थगित कर दिया है। कमेटी पदाधिकारी बाबू हुसैन मलिक और रवि सिंह ने बताया कि निर्धारित समय के अंदर वेतन विसंगति के दूर नहीं होने पर दोबारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। मंत्री के आश्वासन के बाद क्लर्क सोमवार से कामकाज संभालेंगे। बैठक में मुख्य सचिव बीबी ब्यास और वित्त सचिव नवीन चौधरी भी मौजूद रहे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों में मोहम्मद सुल्तान, रवि सिंह, बाबू हुसैन मलिक, मलिक मोहम्मद फारूक, अली मोहम्मद मीर और जीलानी नैक ने भाग लिया।
क्या है मसला
प्रदेश सरकार की ओर से घोषित सातवां वेतन आयोग लागू किया गया। जिसका क्लेरिकल स्टाफ को लाभ नहीं मिला। 1992 में एसआरओ-45 लागू किया गया था, जिसका फायदा कुछ ही विभागों को मिला। बीते वर्ष 2017 में वेतन विसंगति दूर करने के लिए पूर्व वित्त मंत्री ने सातवें वेतन आयोग के लागू होने की बात कही थी। हालांकि पे कमीशन लागू होने के बावजूद समस्या जस की तस ही बनी रही। हड़ताली क्लर्क वेतन विसंगतियों को लागू सातवें पे कमीशन के साथ दूर करने की मांग पर अड़े थे।
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कार्यालयों होंगे गुलजार कामकाज होगा सुचारू
सरकारी कार्यालयों में क्लर्कों के ड्यूटी पर लौट आने के बाद कामकाज सुचारु रूप से चलेगा। जरूरी अधिसूचनाएं समय पर जारी हो सकेंगी। मई माह का वेतन भी कर्मचारियों को मिल सकेगा। पहले क्लर्कों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मई के वेतन की कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई थी। इस माह कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलना था।
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उन्होंने कहा कि मसले को हल करने के लिए आंदोलनकारियों से 30 दिनों का समय मांगा गया है। जिसके बाद क्लेरिकल स्टाफ ने 30 दिनों के लिए हड़ताल को स्थगित कर दिया है। कमेटी पदाधिकारी बाबू हुसैन मलिक और रवि सिंह ने बताया कि निर्धारित समय के अंदर वेतन विसंगति के दूर नहीं होने पर दोबारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। मंत्री के आश्वासन के बाद क्लर्क सोमवार से कामकाज संभालेंगे। बैठक में मुख्य सचिव बीबी ब्यास और वित्त सचिव नवीन चौधरी भी मौजूद रहे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों में मोहम्मद सुल्तान, रवि सिंह, बाबू हुसैन मलिक, मलिक मोहम्मद फारूक, अली मोहम्मद मीर और जीलानी नैक ने भाग लिया।
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क्या है मसला
प्रदेश सरकार की ओर से घोषित सातवां वेतन आयोग लागू किया गया। जिसका क्लेरिकल स्टाफ को लाभ नहीं मिला। 1992 में एसआरओ-45 लागू किया गया था, जिसका फायदा कुछ ही विभागों को मिला। बीते वर्ष 2017 में वेतन विसंगति दूर करने के लिए पूर्व वित्त मंत्री ने सातवें वेतन आयोग के लागू होने की बात कही थी। हालांकि पे कमीशन लागू होने के बावजूद समस्या जस की तस ही बनी रही। हड़ताली क्लर्क वेतन विसंगतियों को लागू सातवें पे कमीशन के साथ दूर करने की मांग पर अड़े थे।
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कार्यालयों होंगे गुलजार कामकाज होगा सुचारू
सरकारी कार्यालयों में क्लर्कों के ड्यूटी पर लौट आने के बाद कामकाज सुचारु रूप से चलेगा। जरूरी अधिसूचनाएं समय पर जारी हो सकेंगी। मई माह का वेतन भी कर्मचारियों को मिल सकेगा। पहले क्लर्कों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मई के वेतन की कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई थी। इस माह कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलना था।