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जम्मू-कश्मीर: भ्रष्टाचार से करोड़ों कमाने वाले जम्मू के पूर्व तहसीलदार को 7 साल जेल, दो लाख का जुर्माना भी लगाया
Wed, 29 Dec 2021 03:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 29 Dec 2021 03:02 AM IST
सार
एंटी करप्शन की विशेष अदालत ने दो लाख जुर्माना भी लगाया। बेटों, बेटियों, पत्नी, रिश्तेदारों के नाम पर कर रखी थी करोड़ों की संपत्ति।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
भ्रष्टाचार मामले में एंटी करप्शन की विशेष अदालत ने एक पूर्व तहसीलदार को 7 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 13 साल की जांच के बाद बेनामी संपत्ति मामले में जम्मू के तहसीलदार रिकवरी रहे जनक सिंह को मंगलवार विशेष न्यायाधीश रितेश दुबे ने सात साल के कारावास की सजा सुनाई।
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जनक सिंह 1966 में राजस्व विभाग में बतौर पटवारी नियुक्त हुआ था। तहसीलदार बनने तक उसने करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति बना ली। रिश्तेदारों, परिवार और खुद के नाम पर करोड़ों रुपये की काली कमाई जमा कर सरकार को चूना लगाया। अभियोजन के अनुसार शास्त्री नगर में दो कनाल जमीन पर दो मंजिला घर बनाया। ग्रेटर कैलाश में पेट्रोल पंप बनाया।
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सांबा में आरोपी ने अपने बेटे अवतार सिंह के नाम पर सांबा के मीन चाढ़कां में 4 कनाल जमीन खरीदी। यह जमीन 5 हजार में खरीदी और 1989 में 3,70,000 की बेची। सैनिक कालोनी में अपने ससुर के नाम पर एक कनाल जमीन खरीदी जिसे बाद उसे अपने बेटे अवतार सिंह के नाम पर कर दिया। एंटी करप्शन की टीम ने जांच में जब आरोपी, उसकी पत्नी और दो बेटियों के बैंक खाते खंगाले तो उसमें 90 लाख रुपये की नकदी मिली।
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उसके साले के खाते में भी 16 लाख रुपये मिले। दोषी ने बीमा के नाम पर करीब 11 लाख रुपये जमा करा रखे थे। ऐसे ही कई और मामले मिले हैं। जज ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि अभियुक्त ने पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया और आय से अधिक कमाई की। लिहाजा उसे 7 साल की सजा सुनाई जा रही है। जेएनएफ