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Jammu News: एम्स जम्मू में जटिल सर्जरी से 7 वर्षीय बच्ची को मिला नया जीवन
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एंकिलोसिस से पीडि़त थी, सिर्फ 5 एमएम खुलता था मुंह, सर्जरी के बाद 35 एमएम तक जबड़े की सामान्य हरकत बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। एम्स जम्मू के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक सात वर्षीय बच्ची की जटिल सर्जरी कर उसके जबड़े की सामान्य गतिविधि बहाल करने में सफलता हासिल की है। बच्ची टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (टीएमजे) एंकिलोसिस नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, जिसमें जबड़े का जोड़ खोपड़ी से जुड़ जाता है।
सर्जरी से पहले बच्ची केवल करीब 5 मिलीमीटर तक ही मुंह खोल पाती थी, जिससे भोजन करना, बोलना, दांतों की सफाई और सामान्य दंत उपचार कराना बेहद कठिन हो गया था। चिकित्सकों के अनुसार यदि बढ़ती उम्र में इस बीमारी का समय पर उपचार न किया जाए तो पोषण, चेहरे के विकास और जीवन की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विस्तृत जांच और रेडियोलॉजिकल मूल्यांकन के बाद चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक जुड़े हुए जबड़े के जोड़ को अलग कर निचले जबड़े की गतिविधि बहाल की। ऑपरेशन के बाद बच्ची अब 35 मिलीमीटर से अधिक मुंह खोल पा रही है, जो उसके पहले की स्थिति की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है।
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इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमनजोत कौर ने किया। उनके साथ सीनियर रेजिडेंट डॉ. नंदकिशोर नायर और जूनियर रेजिडेंट डॉ. रुपिंदर कौर शामिल रहे। कठिन एयरवे प्रबंधन की जिम्मेदारी डॉ. सुनाना गुप्ता, डॉ. स्लोमी गुप्ता और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक निभाई। नर्सिंग स्टाफ में तरुणा और दीपा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रो. (डॉ.) सौरभ कुमार गुप्ता ने टीम को बधाई देते हुए टीएमजे एंकिलोसिस के मरीजों के लिए समय पर विशेषज्ञ उपचार और समन्वित चिकित्सा की आवश्यकता पर जोर दिया।
अस्पताल के अनुसार बच्ची की स्थिति अब बेहतर है और उसे जबड़े की नियमित फिजियोथेरेपी तथा समय-समय पर फॉलोअप कराने की सलाह दी गई है, ताकि जबड़े की गतिविधि बनी रहे और बीमारी दोबारा न हो। यह सफलता एम्स जम्मू में उपलब्ध उन्नत ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी सेवाओं को भी दर्शाती है।
एम्स के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) संजीव सिन्हा ने कहा कि इस जटिल सर्जरी की सफलता संस्थान की उन्नत एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। एम्स जम्मू के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक सात वर्षीय बच्ची की जटिल सर्जरी कर उसके जबड़े की सामान्य गतिविधि बहाल करने में सफलता हासिल की है। बच्ची टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (टीएमजे) एंकिलोसिस नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, जिसमें जबड़े का जोड़ खोपड़ी से जुड़ जाता है।
सर्जरी से पहले बच्ची केवल करीब 5 मिलीमीटर तक ही मुंह खोल पाती थी, जिससे भोजन करना, बोलना, दांतों की सफाई और सामान्य दंत उपचार कराना बेहद कठिन हो गया था। चिकित्सकों के अनुसार यदि बढ़ती उम्र में इस बीमारी का समय पर उपचार न किया जाए तो पोषण, चेहरे के विकास और जीवन की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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विस्तृत जांच और रेडियोलॉजिकल मूल्यांकन के बाद चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक जुड़े हुए जबड़े के जोड़ को अलग कर निचले जबड़े की गतिविधि बहाल की। ऑपरेशन के बाद बच्ची अब 35 मिलीमीटर से अधिक मुंह खोल पा रही है, जो उसके पहले की स्थिति की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है।
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इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमनजोत कौर ने किया। उनके साथ सीनियर रेजिडेंट डॉ. नंदकिशोर नायर और जूनियर रेजिडेंट डॉ. रुपिंदर कौर शामिल रहे। कठिन एयरवे प्रबंधन की जिम्मेदारी डॉ. सुनाना गुप्ता, डॉ. स्लोमी गुप्ता और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक निभाई। नर्सिंग स्टाफ में तरुणा और दीपा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रो. (डॉ.) सौरभ कुमार गुप्ता ने टीम को बधाई देते हुए टीएमजे एंकिलोसिस के मरीजों के लिए समय पर विशेषज्ञ उपचार और समन्वित चिकित्सा की आवश्यकता पर जोर दिया।
अस्पताल के अनुसार बच्ची की स्थिति अब बेहतर है और उसे जबड़े की नियमित फिजियोथेरेपी तथा समय-समय पर फॉलोअप कराने की सलाह दी गई है, ताकि जबड़े की गतिविधि बनी रहे और बीमारी दोबारा न हो। यह सफलता एम्स जम्मू में उपलब्ध उन्नत ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी सेवाओं को भी दर्शाती है।
एम्स के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) संजीव सिन्हा ने कहा कि इस जटिल सर्जरी की सफलता संस्थान की उन्नत एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।