जम्मू बंद: कई स्थानों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
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एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी की ओर से आहूत जम्मू बंद का छठा दिन भी असरदार रहा। हालांकि दोपहर बाद कुछ इलाकों में दुकानें खुल गईं, लेकिन सुबह से खासा असर देखा गया। बंद के पांच दिनों की अपेक्षा अंतिम दिन शहर की सड़कों में पुलिस की संख्या कम देखने को मिली।
हालांकि कुछ स्थानों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर डंडे भी बरसाए। तमाम विपक्षी राजनीतिक दलों ने बंद समर्थकों का पूरा समर्थन किया। कई स्थानों पर सरकार के पुतले फूंके गए। पुराने शहर को पुलिस ने पूरी तरह घेर लिया था, लेकिन तमाम बाजार बंद रहे। कुछ स्थानों पर बाजार खुलवाने का प्रयास कर रहे भाजपा नेताओं की प्रदर्शनकारियों से झड़प होते-होते बची।
तवी पुल स्थित धरना स्थल के पास बंद समर्थकों ने एकबार सड़क जाम कर दी, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें हटा दिया। बुधवार को बंद समर्थक छोटे-छोटे ग्रुप में बाजार बंद करवाते देखे गए। छठे दिन भी निजी स्कूल बंद रहे, जबकि सरकारी स्कूलों और कालेजों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं के बराबर रही। बैंकों में भी कामकाज प्रभावित रहा। बंद प्रभावित इलाकों में कई बैंक बंद रहे। सड़कों पर वाहन नहीं चले।
पैंथर्स के कई नेताओं को लगी चोट, जीएमसी में भर्ती
सुबह जानीपुर कोर्ट परिसर से रवाना हुए बंद समर्थकों को पुलिस ने अंबफला से पुराने शहर की ओर जाने से रोक दिया। न्यू प्लाट में कांग्रेसी नेताओं ने महिलाओं के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान जानीपुर रोड पर टायर जलाकर यातायात जाम करने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने उसे नाकाम कर दिया।
प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर रहे पैंथर्स नेता भी पुलिस का शिकार बने। डोगरा चौक के पास पुलिस ने नेशनल पैंथर्स पार्टी के नेताओं पर लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा। इस दौरान मनकोटिया, अनीता ठाकुर सहित कई नेताओं को गहरी चोट भी लगी, जिन्हें जीएमसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
धरना स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए एम्स कमेटी के चेयरमैन अभिनव शर्मा ने कहा कि जब तक जम्मू के लोगों को उनका अधिकार नहीं मिलता, तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे। भाजपा द्वारा एम्स कमेटी को अन्य राजनीतिक दलों के हाथ में खेलने के लगाए आरोपों पर शर्मा ने कहा कि आंदोलन शुरू से ही गैर राजनीतिक रहा है।
इसलिए कमेटी में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को शामिल नहीं किया गया। जम्मू के अधिकारों की रक्षा के लिए कमेटी ने तमाम राजनीतिक दलों के सदस्यों को आम नागरिक के रूप में समर्थन देने की अपील की थी। इसमें भाजपा के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया था।