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मोबाइल टावर लगाने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी
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अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने के नाम पर कई लोगों से एक कंपनी का कर्मचारी बता कर लाखों रुपये की ठगी की गई है। लोग अब कंपनी वाले को ढूंढ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार दो माह पहले क्षेत्र में कुछ लोग अपने आपको मोबाइल टावर का कर्मचारी बता करके कई ग्रामीणों क्षेत्र के लोगों से संपर्क किया। कई गांवों से मोबाइल टावर लगाने पर लोगों से भूमि के दस्तावेज के साथ दो से तीन लाख रुपये भी लिए। टावर दो महीने में लगाने वादा किया। तीन माह बीत जाने के बाद भी टावर लगाने वाले कर्मचारियों से न तो संपर्क हो रहा है और न ही वह मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने साथ धोखाधड़ी होने का पता चला। धोखाधड़ी का शिकार लोग पुलिस को जानकारी देने में संकोच कर रहे हैं। करीब बीस से पच्चीस लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।
धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों को कहना है कि टावर के नाम पर कुछ लोगों ने अपने आपको कंपनी का कर्मचारी बता करके क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने के लिए एक फार्म भर करके भूमि के दस्तावेज लिए। जिस पर एक से दो लाख की फीस के तौर पर वसूले। मगर इसके बाद न तो वह कर्मचारी मिला न ही कई संपर्क हुुआ। पता चला कि कई लोगों से पिछले कई महीने से टावर लगाने के नाम पर ठगी की गई है। अब तो न तो कई प्रमाण न ही किसी से संपर्क हो रहा है। ऐसे में वे पुलिस से शिकायत करने भी नहीं जा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार दो माह पहले क्षेत्र में कुछ लोग अपने आपको मोबाइल टावर का कर्मचारी बता करके कई ग्रामीणों क्षेत्र के लोगों से संपर्क किया। कई गांवों से मोबाइल टावर लगाने पर लोगों से भूमि के दस्तावेज के साथ दो से तीन लाख रुपये भी लिए। टावर दो महीने में लगाने वादा किया। तीन माह बीत जाने के बाद भी टावर लगाने वाले कर्मचारियों से न तो संपर्क हो रहा है और न ही वह मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने साथ धोखाधड़ी होने का पता चला। धोखाधड़ी का शिकार लोग पुलिस को जानकारी देने में संकोच कर रहे हैं। करीब बीस से पच्चीस लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।
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धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों को कहना है कि टावर के नाम पर कुछ लोगों ने अपने आपको कंपनी का कर्मचारी बता करके क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने के लिए एक फार्म भर करके भूमि के दस्तावेज लिए। जिस पर एक से दो लाख की फीस के तौर पर वसूले। मगर इसके बाद न तो वह कर्मचारी मिला न ही कई संपर्क हुुआ। पता चला कि कई लोगों से पिछले कई महीने से टावर लगाने के नाम पर ठगी की गई है। अब तो न तो कई प्रमाण न ही किसी से संपर्क हो रहा है। ऐसे में वे पुलिस से शिकायत करने भी नहीं जा रहे हैं।
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