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अ भियोग चलाने श्रीनगर
Updated Sat, 02 Jun 2018 01:39 AM IST
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने खानयार में 28 साल पहले सुरक्षा बलों की ओर से अंधाधुंध फायरिंग के आरोपी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए गृह विभाग को पत्र लिखा गया है। आरोप है कि दाच्ची गांव में मारे गए लोगों की शवयात्रा के दौरान सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों पर भी फायरिंग की थी। शवों को स्थानीय मस्जिद में रखा गया था, जहां आम नागरिक जमा हुए थे। फायरिंग में दो साल की बच्ची और चार महिलाओं की मौत हो गई थी।
इंटरनेशनल फोरम फार जस्टिस ह्यूमन राइट्स के मोहम्मद अहसान उंटू ने जम्मू-कश्मीर मानव अधिकार आयोग में याचिका पेश की है। आयोग के जावेद अहमद कवूसा और रफीक फीदा की खंडपीठ ने जम्मू कश्मीर पुलिस महानिदेशक को घटना की विस्तृत रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। पुलिस महानिदेशक ने बताया 13 मार्च 2018 को खानयार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में शामिल सुरक्षा बलों के अज्ञात जवानों के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए गृह विभाग को पत्र लिखा था। याचिका में आरोप लगाया गया कि एक ही परिवार की चार महिलाएं और बच्ची के शव को स्थानीय मस्जिद में रखा गया था। उनके शव बाद में दफनाए गए। कई अन्य नागरिकों की भी मौत हुई। गोलीबारी में कई नागरिक भी जख्मी हुए थे। इस घटना की कवरेज के लिए अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय मीडिया भी पहुंचा। उन्हें भी घटनास्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया। आयोग के सदस्य अब्दुल हमीद वानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को आदेश दिया था।
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इंटरनेशनल फोरम फार जस्टिस ह्यूमन राइट्स के मोहम्मद अहसान उंटू ने जम्मू-कश्मीर मानव अधिकार आयोग में याचिका पेश की है। आयोग के जावेद अहमद कवूसा और रफीक फीदा की खंडपीठ ने जम्मू कश्मीर पुलिस महानिदेशक को घटना की विस्तृत रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। पुलिस महानिदेशक ने बताया 13 मार्च 2018 को खानयार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में शामिल सुरक्षा बलों के अज्ञात जवानों के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए गृह विभाग को पत्र लिखा था। याचिका में आरोप लगाया गया कि एक ही परिवार की चार महिलाएं और बच्ची के शव को स्थानीय मस्जिद में रखा गया था। उनके शव बाद में दफनाए गए। कई अन्य नागरिकों की भी मौत हुई। गोलीबारी में कई नागरिक भी जख्मी हुए थे। इस घटना की कवरेज के लिए अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय मीडिया भी पहुंचा। उन्हें भी घटनास्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया। आयोग के सदस्य अब्दुल हमीद वानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को आदेश दिया था।
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