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जसरोटा के नजदीक होम्योपैथी कॉलेज के लिए 55 कनाल जमीन चयनित
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होम्योपैथी कॉलेज के लिए जगह का जायजा लेते डीसी और तहसीलदार कठुआ
- फोटो : KATHUA
कठुआ। जम्मू-कश्मीर प्रदेश के पहले राष्ट्र स्तरीय होम्योपैथी कॉलेज के लिए कठुआ प्रशासन ने प्रसिद्ध महाकाली जसरोटा माता मंदिर के नजदीक 55 कनाल जमीन का चयन किया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के हस्तक्षेप के बाद प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। उन्होंने हाल ही में जिला प्रशासन को इस जमीन को जल्द से जल्द चिह्नित कर दस्तावेज सौंपने के निर्देश दिए थे जिसके बाद इसे मंजूरी दिलाने का भी भरोसा दिलाया है।
इससे पहले अमाला में जगह चिह्नित की गई थी जिसमें राजस्व अधिकारियों ने विवाद का हवाला दे दिया था। शुक्रवार को जिला उपायुक्त ओम प्रकाश भगत ने जसरोटा के नजदीक जगह का जायजा लिया और राजस्व विभाग को दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसे अगले दो दिनों में आईएसएम निदेशालय को भेजने की तैयारी है। ज्ञात रहे कि पिछले पांच महीने से होम्योपैथी कॉलेज को लेकर जिले में कवायद की जा रही है और यदि जल्द इसपर कार्रवाई नहीं की जाती है तो कॉलेज कश्मीर संभाग के किसी जिले में भी खोला जा सकता है।
होम्योपैथी के नोडल अधिकारी डॉ बी आर डब्ब ने बताया कि उनकी ओर से लगातार प्रयास जारी है कि कठुआ के लोगों को होम्योपैथी कॉलेज की सौगात मिले। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के हस्तक्षेप और भरोसा दिलाए जाने के बाद होम्योपैथी एसोसिएशन को भी उम्मीद बंधी है कि जल्द कॉलेज कठुआ में खोलने को लेकर कवायद आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पांच महीने से जमीन के चयन की प्रक्रिया को लेकर लगातार प्रशासन के साथ बात की जा रही है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द यह प्रपोजल आईएसएम निदेशालय को भेजेगा जिसके बाद इसे आगे मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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यदि इस संस्थान को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश से हर साल होम्योपैथी कोर्सिस के लिए अन्य राज्यों में जाने वाले लगभग तीन सौ विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही आयुर्वेद और यूनानी के बाद आईएसएम का यह तीसरा बड़ा स्वास्थ्य संस्थान प्रदेश में होगा। वर्तमान में अखनूर में जहां आयुर्वेदा कॉलेज तो वहीं यूनानी कॉलेज को लेकर गांदरबल में प्रक्रिया जारी है।
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जसरोटा महाकाली मंदिर के नजदीक 55 कनाल जमीन का चयन किया गया है। इसके दस्तावेज तैयार कर प्रपोजल आईएसएम निदेशालय को अगले दो दिन के भीतर भेज दिया जाएगा।
ओम प्रकाश भगत
डीसी कठुआ
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आयुष के इस महत्वपूर्ण कंपोनेंट होम्योपैथी को लेकर प्रदेश में कॉलेज खोला जाना यहां के युवाओं के सपनों को पूरा करना है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द जमीन का चयन कर इसका प्रपोजल भेजा जाए। जिसके बाद मंत्रालय में इसकी फाइल को मंजूरी दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इससे जहां लाखों युवाओं के सपने साकार होंगे वहीं प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतरी आएगी। स्थानीय लोगों के लिए और प्रशिक्षित युवाओं के लिए भी रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।
डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री
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इससे पहले अमाला में जगह चिह्नित की गई थी जिसमें राजस्व अधिकारियों ने विवाद का हवाला दे दिया था। शुक्रवार को जिला उपायुक्त ओम प्रकाश भगत ने जसरोटा के नजदीक जगह का जायजा लिया और राजस्व विभाग को दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसे अगले दो दिनों में आईएसएम निदेशालय को भेजने की तैयारी है। ज्ञात रहे कि पिछले पांच महीने से होम्योपैथी कॉलेज को लेकर जिले में कवायद की जा रही है और यदि जल्द इसपर कार्रवाई नहीं की जाती है तो कॉलेज कश्मीर संभाग के किसी जिले में भी खोला जा सकता है।
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होम्योपैथी के नोडल अधिकारी डॉ बी आर डब्ब ने बताया कि उनकी ओर से लगातार प्रयास जारी है कि कठुआ के लोगों को होम्योपैथी कॉलेज की सौगात मिले। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के हस्तक्षेप और भरोसा दिलाए जाने के बाद होम्योपैथी एसोसिएशन को भी उम्मीद बंधी है कि जल्द कॉलेज कठुआ में खोलने को लेकर कवायद आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पांच महीने से जमीन के चयन की प्रक्रिया को लेकर लगातार प्रशासन के साथ बात की जा रही है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द यह प्रपोजल आईएसएम निदेशालय को भेजेगा जिसके बाद इसे आगे मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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यदि इस संस्थान को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश से हर साल होम्योपैथी कोर्सिस के लिए अन्य राज्यों में जाने वाले लगभग तीन सौ विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही आयुर्वेद और यूनानी के बाद आईएसएम का यह तीसरा बड़ा स्वास्थ्य संस्थान प्रदेश में होगा। वर्तमान में अखनूर में जहां आयुर्वेदा कॉलेज तो वहीं यूनानी कॉलेज को लेकर गांदरबल में प्रक्रिया जारी है।
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जसरोटा महाकाली मंदिर के नजदीक 55 कनाल जमीन का चयन किया गया है। इसके दस्तावेज तैयार कर प्रपोजल आईएसएम निदेशालय को अगले दो दिन के भीतर भेज दिया जाएगा।
ओम प्रकाश भगत
डीसी कठुआ
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आयुष के इस महत्वपूर्ण कंपोनेंट होम्योपैथी को लेकर प्रदेश में कॉलेज खोला जाना यहां के युवाओं के सपनों को पूरा करना है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द जमीन का चयन कर इसका प्रपोजल भेजा जाए। जिसके बाद मंत्रालय में इसकी फाइल को मंजूरी दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इससे जहां लाखों युवाओं के सपने साकार होंगे वहीं प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतरी आएगी। स्थानीय लोगों के लिए और प्रशिक्षित युवाओं के लिए भी रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।
डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री