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65 हजार बचाए गए, 4 लाख अभी भी फंसे

Wed, 10 Sep 2014 12:21 PM IST
Updated Wed, 10 Sep 2014 12:21 PM IST
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43 thousand rescued 4 lakh still Stranded in flood

बाढ़ की चपेट में आई घाटी में अभी भी हालात बहुत बुरे हैं। बचाव अभियान में जुटी तमाम एजेंसियों द्वारा मंगलवार तक 65 हजार लोगों को बचाया गया था जबकि चार लाख से अधिक लोगों के अभी भी बाढ़ की चपेट में फंसे होने की सूचनाएं हैं। बाढ़ की चपेट में आई इमारतों में लोग ऊपरी मंजिलों पर जाकर ठहरे हुए हैं।

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बीते तीन से चार दिनों से लोगों को खाने-पीने के भी लाले पड़े हुए हैं। बीते छह दशकों में आई सबसे भयंकर बाढ़ से हुए नुकसान का अभी आकलन नहीं किया जा सका है। मौत का आंकड़ा बीते सोमवार को ही 220 के पार हो गया था। जबकि हजारों इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की सूचनाएं हैं।
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जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने कहा कि मौसम साफ रहने के बाद श्रीनगर में जलभराव डेढ़ से तीन फीट तक कम हुआ है। इसके चलते सेना, एयरफोर्स के बचाव अभियान में भी तेजी आई है।

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घाटी में कम पड़ रही 258 बोट

43 thousand rescued 4 lakh still Stranded in flood

सेना सहित बचाव कार्य में लगीं अन्य एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि सड़क संपर्क और दूर संचार सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाने से बचाव अभियान में खासी दिक्कतें आ रही हैं। बिजली सप्लाई भी बहाल नहीं हो पाई है। घाटी में बाढ़ में फंसे लोगों को सेना की 110 बोट और एनडीआरएफ की 148 बोट के जरिये सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है पर इसके बावजूद बोट कम पड़ रही हैं।

आधिकारिक सैन्य सूत्रों के मुताबिक इंडियन एयरफोर्स के 61 चॉपरों और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्टों द्वारा बचाव अभियान में मंगलवार तक 360 से अधिक उड़ानें भरकर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सैन्य प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी ने बताया कि अभी भी चार लाख लोगों के बाढ़ की चपेट में होने की जानकारी मिल रही है।

उन्होंने बताया कि सेना, एयरफोर्स और एनडीआरएफ के करीब एक लाख जवान बचाव अभियान में जुटे हैं और अब तक 42,587 बाढ़ पीड़ितों को बचाया गया है।

मदद के इंतजार में हैं लोग, नहीं मिल रही अपनों की कोई सूचना

43 thousand rescued 4 lakh still Stranded in flood

रियासत में कुदरत का वो कहर बरपा कि लोग त्राह‌िमाम-त्राह‌िमाम कर उठे। आलम यह है कि घाटी में हजारों लोगों की पूरी संपत्ति बाढ़ की चपेट में आ गई और अब उनके सिर पर छत भी नहीं है। हाल फिलहाल तो सेना सहित बचाव अभियान में जुटीं अन्य एजेंसियों द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों का ख्याल रखा जा रहा है, पर लोगों को अब यह चिंता सताने लगी है कि हालात सामान्य होने के बाद उनका क्या होगा। बाढ़ सबकुछ बहा ले गई।

हजारों लोगों को अपनों की भी कोई सूचना नहीं मिल पा रही है। यहां तक लोगों को अभी तक सरकार और प्रशासन से मदद मिलने का इंतजार है। फिलहाल सरकार और प्रशासन का पूरा अमला भी लोगों को बचाने में जुटा है और इसके चलते अभी तक नुकसान का भी आकलन नहीं लगाया जा सका है। जिनको बचा लिया गया है उन्हें अपनों की चिंता सता रही है।

एक व्यक्ति ने बताया कि वह अहमदनगर का रहने वाला है। उसका परिवार गोलगीबाग में है। उसे चिंता सता रही है कि गोलगीबाग में कोई बचाव अभियान नहीं चलाया जा रहा। उसे कानों में घरों की छतों पर फंसे बच्चों की चीखें गूंजती हैं, पर उनकी मदद करने वाला कोई नहीं है। एनडीआरएफ द्वारा बचाई गई एक महिला ने बताया कि जवान यहां वहां लोगों की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ में बिना जान की परवाह किए लोगों को निकाल रहे हैं। उसके समेत बहुत से लोगों को जवानों ने बचाया है।

एक अन्य बाढ़ पीड़ित ने बताया कि हालात बहुत बुरे हैं। हमारे कमरों में 10 फुट तक पानी भर गया है। सारा सामान तबाह हो गया है। कालेज प्रशासन हमारी मदद कर रहा है, हमें खाना मिल रहा है, पर कोई अन्य मदद नहीं मिल रही है। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनके मोहल्ले में कुछ पुराने मकान थे, सब ढह गए। अभी भी वहां सैकड़ों लोग फंसे हैं। उसका पति भी वहीं फंसा है। महिला ने बताया कि पानी भर जाने के बाद वह किसी तरह साथ वाले घर के टैरेस पर पहुंची और तीन दिन तक वहीं फंसी रही। आज उसे बचाया गया।

शवों को ढूंढने में जुटे सेना के कुत्ते

43 thousand rescued 4 lakh still Stranded in flood

बाढ़ के दौरान रियासी में फंसे लोगों को ढूंढने में सेना अपने कुत्तों के साथ जुटी है। रियासी के बाबर गांव में दलदल होने से कई लोगों के फंसने की सूचना है। तलवाड़ा राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन की टीम भी इस अभियान में जुटी है। प्रमुख रूप से सेना ने खोज और बचाव अभियान के चलते ग्रेट स्विस माउंटेन डाग की टीम को भी लगाया है।


जिन्हें दलदल में फंस लोगों को खोजने का खास प्रशिक्षण दिया गया है। बलेजर और बॉबी नाम के कुत्तों को दलदल और बर्फीले हिस्से के सौ से डेढ़ मीटर के इलाके में घुमाया जा रहा है। खोज और बचाव अभियान के दौरान कुत्तों ने वहां पर शवों के होने की पुष्टि कर दी है।

जैसे ही कुत्तों ने दलदल में शवों के फंसे होने का इशारा दिलाया और उन्होंने खोज शुरू की तो पांच फीट पर ही परिणाम सामने आ गया। दो शव बरामद कर लिए गए। इनमें एक सत्तर साल की बूढ़ी औरत और चार साल का बच्चा शामिल है।

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