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जानें कैसा होती है किसी ब्रिज की क्षमता की जांच?
ब्यूरो, अमर उजाला/कठुआ
Updated Wed, 23 Mar 2016 09:57 AM IST
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बसोहली में बना अटल सेतू
- फोटो : अमर उजाला
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अटल सेतु की भार सहने क्षमता जांचने की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हो गई। इसके साथ ही बसोहली और पंजाब के दुनेरा के बीच वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया।
अटल सेतु पर सुबह छह बजे 42 ट्रकों को एक-एक कर खड़ा कर दिया गया। इसके साथ ही पुल पर 900 टन का वजन रखा गया। भार सहने की क्षमता जांचने के लिए अटल सेतु को मंगलवार सुबह छह बज से अगले 48 घंटे तक के लिए बंद रखा गया है।
जांच प्रक्रिया की जानकारी देते हुए एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट अधिकारी देवेंद्र राणा ने बताया कि अटल सेतु पर 42 ट्रक खड़े किए गए हैं जो भीतरी भाग पर भार डालकर पुल की क्षमता जांचेंगे। इन ट्रकों में 900 टन भार भी रखा गया है।
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दोनों ओर से तीन सौ मीटर के हिस्से को छोड़कर मध्य में ट्रकों को खड़ा किया गया है। जांच का यह सिलसिला बुधवार शाम तक जारी रहेगा। इसके बाद एक-एक कर ट्रकों को पुल से हटा लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इंडियन रोड कांग्रेस के नियमानुसार किसी भी पुल के निर्माण के बाद उसकी क्षमता जांची जाती है ताकि उसी क्षमता तक के वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति दी जाए।
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अटल सेतु पर सुबह छह बजे 42 ट्रकों को एक-एक कर खड़ा कर दिया गया। इसके साथ ही पुल पर 900 टन का वजन रखा गया। भार सहने की क्षमता जांचने के लिए अटल सेतु को मंगलवार सुबह छह बज से अगले 48 घंटे तक के लिए बंद रखा गया है।
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जांच प्रक्रिया की जानकारी देते हुए एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट अधिकारी देवेंद्र राणा ने बताया कि अटल सेतु पर 42 ट्रक खड़े किए गए हैं जो भीतरी भाग पर भार डालकर पुल की क्षमता जांचेंगे। इन ट्रकों में 900 टन भार भी रखा गया है।
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दोनों ओर से तीन सौ मीटर के हिस्से को छोड़कर मध्य में ट्रकों को खड़ा किया गया है। जांच का यह सिलसिला बुधवार शाम तक जारी रहेगा। इसके बाद एक-एक कर ट्रकों को पुल से हटा लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इंडियन रोड कांग्रेस के नियमानुसार किसी भी पुल के निर्माण के बाद उसकी क्षमता जांची जाती है ताकि उसी क्षमता तक के वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति दी जाए।