कश्मीर: हिजबुल ने बागी आतंकियों को मौत के घाट उतारा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में सोमवार को तीन युवकों के शव बरामद होने से इलाके में तनावपूर्ण हालात बन गए। दुकानें बंद करवा दी गईं और लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया।
लोगों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शन के चलते कई घंटे तक बारामुल्ला-श्रीनगर राजमार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।
पुलिस ने तीनों शव कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरूआती जांच में तीनों शवों पर गोलियों के अलावा शारीरिक उत्पीड़न के भी निशान मिले हैं।
हत्या आतंकी संगठनों में आपसी रंजिश का नतीजा
हालांकि इस घटना पर कोई भी पुलिस अधिकारी खुलकर नहीं बोल रहा। तीनों मृतकों की उम्र 17 से 21 साल के बीच है। इनमें से एक की पहचान सोपोर निवासी आमिर अहमद के तौर पर हुई है।
घटना जिले के पट्टन इलाके के डांगरपुरा गांव की है। यहां सेब के बाग में स्थानीय लोगों ने तीन युवकों के शव पड़े देखे और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक आमिर अहमद 15 जुलाई से लापता था।
आमिर हाल में लश्कर-ए-इस्लामी आतंकी संगठन में शामिल हुआ था, जो हिजबुल से अलग हुए आतंकियों द्वारा गठित किया गया है। आमिर मोबाइल शोरूम और टावरों पर हमलों में शामिल भी बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि तीनों युवकों की हत्या आतंकी संगठनों में आपसी रंजिश का नतीजा भी हो सकती है।