जम्मू में स्वाइन फ्लू की दस्तक, तीन संदिग्ध मिले
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शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में एच1एन1 वायरस (स्वाइन फ्लू) के तीन संदिग्ध मामले पहुंचे हैं। इनमें दो शिशु रोगियों की हालत में सुधार है, लेकिन एक का अभी इमरजेंसी में इलाज चल रहा है। संदिग्ध मरीजों की हालत पर नजर रखी जा रही है। उनके थूक और खून के सैंपल लेने की तैयारी की जा रही है।
जीएमसी के प्रिंसिपल डा. जाहिद गिलानी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी बच्चों की हालत में सुधार हुआ है। तापमान गिरने से अन्य सामान्य फ्लू भी सक्रिय हैं। एहतियात के तौर पर ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
जीएमसी में प्रशासनिक ब्लाक के साथ अगले दस दिन में अलग से आईसोलेशन वार्ड स्थापित कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार संदिग्ध मरीजों की सैंपलिंग की बात करें तो सामान पर्याप्त न होने से अभी अड़ंगा बना हुआ है।
दस दिन में अलग से आईसोलेशन वार्ड स्थापित होगा
जीएमसी में स्वाइन फ्लू लैब का निर्माण न होने से सैंपलों को दिल्ली स्थित सरकारी लैबोरेटरी में ही भेजा जाएगा। तापमान गिरने से स्वाइन फ्लू की आशंका बढ़ गई है। आइसोलेशन यूनिट के लिए चोपड़ा नर्सिंग होम को स्टैंड बाई रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि जम्मू के बिश्नाह क्षेत्र के खैरी सरोर गांव के एक निवासी की जान लेकर स्वाइन फ्लू ने दस्तक दी थी। वर्ष 2014 में जम्मू संभाग में एक एसपी, राजोरी के एक छात्र और बिश्नाह के एक डाक्टर की स्वाइन फ्लू से मौत हुई। संभाग में दर्जनों मामले पाजिटिव आए। कश्मीर घाटी में दो सौ के करीब मामले पाजिटिव रहे। यहां भी स्वाइन फ्लू से कई लोगों को जान गंवानी पड़ी।
छोटे रोग को भी गंभीरता से लें
मामूली रूप से नियमित बुखार, खांसी, गले में खराश जैसी छोटी बीमारियां स्वाइन इनफ्लूएंजा फ्लू के लक्षण हो सकती हैं। स्वाइन फ्लू का एच1एन1 नामक वायरस मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला करके शारीरिक क्षमता को बेकार कर देता है। पीड़ित को समय पर उचित इलाज न मिलने से उसकी जान जा सकती है। इलाज में देरी से आसपास के लोग भी इस फ्लू की चपेट में आ जाते हैं।
लक्षण
1. मामूली बीमारियों से अचानक सेहत बिगड़ना
2. बुखार, खांसी, गले में खराश, डायरिया, उल्टी, सांस लेने में कठिनाई
क्या करें
1. सादा पानी पीयें या पोषणयुक्त खाना लें
2. लक्षणों से प्रभावित व्यक्ति अन्य लोगों से थोड़ी दूरी बनाएं
3. खांसते अथवा छींकते समय मुंह और नाक को ढकें
4. नाक, कान अथवा मुंह को छूने से पहले और बाद में हाथों को धोएं
5. भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें
6. अच्छी नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें तथा तनाव को प्रभावी रूप से संभालें