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जम्मू-कश्मीर में 2जी सेवाएं 27 अप्रैल तक बढ़ाई गईं
Thu, 16 Apr 2020 12:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 16 Apr 2020 12:08 AM IST
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- फोटो : पेक्सेल्स
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जम्मू-कश्मीर में 2जी सेवाएं 27 अप्रैल तक बढ़ा दी गई हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ये सेवाएं पोस्ट पेड और सत्यापित प्री-पेड सिम पर ही उपलब्ध होंगी।
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इससे पहले खबर थी कि लॉकडाउन के बीच 4जी इंटरनेट सेवा बहाल न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूलों के अध्यापक शिक्षण सामग्री वाट्सएप के जरिए भेज रहे हैं, लेकिन इंटरनेट स्पीड कम होने से यह सामग्री बच्चों तक नहीं पहुंच पा रही। न ही वीडियो कॉलिंग हो पा रही है।2G services extended in Jammu and Kashmir till April 27 on postpaid and verified prepaid sims only: Jammu and Kashmir Govt. pic.twitter.com/WQJyrTgVMz
— ANI (@ANI) April 15, 2020विज्ञापन
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वाट्सएप ही एक ऐसा जरिया है, जिससे नोट्स, असाइनमेंट और उनकी फोटो या वीडियो आदि भेजी जा सकती है। लेकिन 2जी इंटरनेट स्पीड कम होने से वीडियो सेंड नहीं हो पा रही, ऐसे में शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों ने 4जी इंटरनेट सेवा जल्द बहाल करने की सरकार से मांग की है।
प्रदेश में बीते आठ माह से 4जी सेवा बंद पड़ी है। लॉकडाउन के बाद स्कूल बंद होने से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के बाद अब विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। 2जी स्पीड 50 केबीपीएस तक है, जिसमें फोटो और वीडियो डाउनलोड या अपलोड करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में शिक्षकों को वाट्सएप के जरिए बच्चों तक शिक्षण सामग्री पहुंचाने में दिक्कत आ रही है।
लॉकडाउन के चलते विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग में ऑनलाइन कक्षाएं तो शुरू कर दी हैं, लेकिन इसमें सबसे जरूरी पहलू यह है कि कुछ सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चे गरीबी रेखा से नीचे हैं, जिनके पास स्मार्टफोन तक नहीं है, उनके लिए दिक्कतें सबसे ज्यादा हैं। शिक्षक रोजाना वाट्सएप ग्रुप में असाइनमेंट, नोट्स आदि डाल रहे हैं, लेकिन सभी विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उपजिला बसोहली के कुछ पहाड़ी इलाके ऐसे हैं, यहां मोबाइल नेटवर्क नहीं है, वहां भी बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के विद्यार्थियों व अभिभावकों ने ऑनलाइन शिक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने और 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने की सरकार से मांग की है।
जेडईपीओ नरेश शर्मा ने बताया कि जो ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं, वह वाट्सएप ग्रुप के जरिये चलाई जा रही हैं। 43 सरकारी स्कूलों के वाट्सएप ग्रुप इस समय एक्टिव हैं, जिसमें सेकेंडरी स्कूल के चार, हाई स्कूल के 10 और मिडल स्कूल के 29 वाट्सएप ग्रुप एक्टिवेट हैं, कोशिश की जा रही है कि प्राइमरी स्कूल में भी ऐसे ग्रुप बनाए जाएं।
वीर सावरकर प्राइवेट स्कूल बसोहली के एमडी अंकुर अरोड़ा ने बताया कि 4जी सुविधा न होने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ऑनलाइन क्लासेज तब तक कामयाब नहीं हो पाएंगी, जब तक इंटरनेट की उचित सुविधा नहीं दी जाती। मौजूदा समय में जो लेक्चर शिक्षक तैयार कर रहे हैं वे बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।