फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   28k to appear in medical and engineering entrance test

मेडिकल-इंजीनियरिंग में दाखिले की जंग लड़ेंगे 28 हजार युवा

Tue, 12 May 2015 12:42 AM IST
Updated Tue, 12 May 2015 12:42 AM IST
विज्ञापन
28k to appear in medical and engineering entrance test

जेएंडके बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (बीओपीईई) की ओर से मेडिकल और इंजीनियरिंग की सीटों की एंट्रेंस परीक्षा के लिए परीक्षार्थी कड़ी मेहनत करने में जुट गए हैं। इस परीक्षा के लिए बीओपीईई की ओर से रियासत में 44 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें कश्मीर संभाग में 25, जबकि जम्मू संभाग में 19 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं।

विज्ञापन


रियासत भर से 28615 परीक्षार्थी मेडिकल और इंजीनियरिंग सीट हासिल करने के लिए अपना भाग्य आजमाएंगे। 30 और 31 मई को होने वाली परीक्षा के लिए पहले दिन फिजिक्स और केमिस्ट्री की परीक्षा होगी, जबकि 31 मई को बायोलाजी और गणित की परीक्षा होगी। मेडिकल और इंजीनियरिंग सीटों के लिए परीक्षार्थियों के बीच कांटे की टक्कर रहेगी।
विज्ञापन


यह परीक्षा एमबीबीएस, बीडीएस, इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चरल साइंस और वेटरनेरी साइंस की सीटों के लिए करवाई जाती है, जिसमें परीक्षा पास करने पर विद्यार्थियों को राज्य के सरकारी और सरकार के अधीन प्रोफेशनल कालेजों में सीट दी जाती है। इस एंट्रेंस परीक्षा के लिए उलटी गिनती भी शुरू हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य के सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेजों की निर्धारित सीटों में अपनी जगह पक्की करने के लिए विद्यार्थियों के बीच कांटे की टक्कर रहेगी।

एंट्रेंस परीक्षा को लेकर तनाव हावी

28k to appear in medical and engineering entrance test

एंट्रेंस परीक्षा को अभी 18 दिन बचे हैं और विद्यार्थियों के बीच परीक्षा को लेकर तनाव हावी होने लगा है। ऐसी परिस्थितियों में विशेषज्ञ अभिभावकों को सलाह दे रहे हैं कि वह अपने बच्चों को तनावमुक्त रखें। साथ ही सकारात्मक रूप से परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित करें।

काउंसिलिंग सेंटर की मनोवैज्ञानिक अनीषा धर ने कहा कि पहले बोर्ड की परीक्षाओं में अच्छे अंकों को लेकर बच्चों में तनाव देखने को मिलता रहता है, साथ ही एंट्रेंस परीक्षा को लेकर भी विद्यार्थी अकसर परेशान रहते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को एंट्रेंस परीक्षा में मिलने वाली कामयाबी और नाकामयाबी को सकारात्मक रूप से लेने के लिए प्रेरित करें।

इसके साथ ही सीट नहीं मिलने पर निराश होने के बजाय अन्य अच्छे अवसरों की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed