गृह मंत्रालय का फैसला, अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात होंगे 27 हजार जवान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरनाथ यात्रा में पत्थरबाजों और आतंकियों की चुनौती से निपटने के लिए केंद्र ने 27 हजार जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया है। 29 जून से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा पर पत्थरबाजों और आतंकियों के हमले की आशंका है।
गृह मंत्रालय के सलाहकार अशोक प्रसाद ने बताया कि नौशेरा में पाकिस्तान की चौकियों को भारतीय सेना द्वारा तबाह किए जाने के बाद की स्थिति को ध्यान में रखकर सुरक्षा योजना बनाई जाएगी। आतंकी खतरे और श्रद्धालुओं पर पत्थरबाजी की आशंकाओं के बीच अमरनाथ यात्रा की चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए केंद्रीय गृह सचिव ने गृह मंत्रालय में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की।
इस केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की अध्यक्षता में हुई बैठक में जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बीबी व्यास, डीजीपी एस पी वैद और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के डीजी शामिल हुए। किसी भी खतरे से निपटने के लिए इस बार यात्रा के दौरान पहले से अधिक सुरक्षा दी जाएगी। पिछले साल 20 हजार जवान तैनात किए गए थे।
सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों की होगी तैनाती
अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक एक लाख 52 हजार श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। यह वह यात्री हैं जो सड़क रास्ते से पैदल चलकर पवित्र शिवलिंग के दर्शन करेंगे. साथ ही 25 हजार यात्रियों ने हेलीकॉप्टर से जाने के लिए पंजीकरण कराया है। पिछले बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 189 कंपनियां लगाई गईं थी लेकिन इस बार जम्मू कश्मीर सरकार ने केंद्र से 279 कंपनियों की मांग की है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए सेना, सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी और एसएसबी के जवान तैनात रहेंगे। अमरनाथ यात्रियों पर इस बार पत्थरबाजी का सबसे ज्यादा खतरा है। घाटी में तनाव के हालात के बीच यात्रा के लिए इस कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रा में कुछ ऐसे भी यात्री जो बिना पुलिस सुरक्षा के खुद जा रहे हैं। ऐसे यात्रियों के लिए सुरक्षा और भी मजबूत रहेगी।
श्रद्धालुओं के ठहरने के इंतजाम वाली जगहों पर चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। जहां भी यात्री रुकते हैं वहां पूरे जत्थे के साथ रुकते हैं और भारी तादाद में एक साथ वहां लोग मौजूद रहते हैं। इसी के मद्देनजर ऐसे स्थानों पर सुरक्षा कड़ी रहेगी।