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मंदिर निर्माण के समय बिगड़े माहौल को सुधारने की पहल
Updated Thu, 24 May 2018 02:12 AM IST
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कठुआ। गुरु नाभादास मंदिर निर्माण को लेकर चल रहे गतिरोध के बाद बुधवार को शहर के विभिन्न समुदायों के लोगों का शिष्टमंडल जिला उपायुक्त रोहित खजूरिया से मिला और विकल्प दिए जाने की मांग की। जिला सचिवालय में आयोजित बैठक के बाद इसकी जानकारी दी गई।
जिला उपायुक्त रोहित खजूरिया ने बताया कि कठुआ के गणमान्य लोग उनसे मिलने पहुंचे थे, जिसमें कठुआ के विकास और पिछले कुछ दिन से चल रहे एक निर्माण के संबंध में बातचीत की गई। बैठक में बातचीत से हल ढूंढने की कोशिश की गई है। लोगों को मामले की पूरी जानकारी नहीं थी कि सरकारी जमीन पर धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं किया जा सकता। मंदिर निर्माण के लिए कामन लैंड ढूंढ़ी जाएगी, जो लोग डोनेट करेंगे। वहां मंदिर का निर्माण होगा और प्रशासन भी सहयोग करेगा। बैठक में पूर्व विधायक सागर चंद, पंजाब चंद, रतन चंद करोत्रा, सुरिंद्र, शाम नारायण मेहता, सोमराज आदि मौजूद रहे। पूर्व विधायक सागर चंद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सरकारी जमीन पर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा आदि नहीं बन सकता। डीसी से मांग की गई कि मदद की जाए ताकि बिरादरी का मंदिर बन सके और अनुयायी शोभायात्रा आदि निकाल सकें। इसके बाद भूमि उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया गया है। साथ ही पहली जगह पर कार्यक्रम करने की इजाजत है। रत्न चंद करोत्रा ने कहा कि काफी दिनों से चर्चा चल रही थी जिला प्रशासन और लोगों के बीच मतभेद हो गया है। नामसमझी से मामला बढ़ता गया जिससे समाज ही नहीं शहर की बदनामी होने जा रही थी। शहर के विभिन्न समुदाय के लोगों ने सहमति से काम करने का फैसला लिया और जिला उपायुक्त से मिले। यकीन दिलाया गया कि कानूनी तौर पर काम किया जा रहा है। यहां समुदाय के लोग पिछले दो दशक से कार्यक्रम करते आए हैं। उन्होंने कहा कि फैसला लिया गया है कि कि कानून के खिलाफ कुछ नहीं करेंगे। डीसी ने भरोसा दिलाया कि यदि मंदिर निर्माण के लिए जगह नहीं मिलेगी तो जगह भी दिलाई जाएगी, साथ ही एक लाख की सहायता भी दी जाएगी। उन्होंने इसके लिए जिला उपायुक्त का आभार जताया है।
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जिला उपायुक्त रोहित खजूरिया ने बताया कि कठुआ के गणमान्य लोग उनसे मिलने पहुंचे थे, जिसमें कठुआ के विकास और पिछले कुछ दिन से चल रहे एक निर्माण के संबंध में बातचीत की गई। बैठक में बातचीत से हल ढूंढने की कोशिश की गई है। लोगों को मामले की पूरी जानकारी नहीं थी कि सरकारी जमीन पर धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं किया जा सकता। मंदिर निर्माण के लिए कामन लैंड ढूंढ़ी जाएगी, जो लोग डोनेट करेंगे। वहां मंदिर का निर्माण होगा और प्रशासन भी सहयोग करेगा। बैठक में पूर्व विधायक सागर चंद, पंजाब चंद, रतन चंद करोत्रा, सुरिंद्र, शाम नारायण मेहता, सोमराज आदि मौजूद रहे। पूर्व विधायक सागर चंद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सरकारी जमीन पर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा आदि नहीं बन सकता। डीसी से मांग की गई कि मदद की जाए ताकि बिरादरी का मंदिर बन सके और अनुयायी शोभायात्रा आदि निकाल सकें। इसके बाद भूमि उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया गया है। साथ ही पहली जगह पर कार्यक्रम करने की इजाजत है। रत्न चंद करोत्रा ने कहा कि काफी दिनों से चर्चा चल रही थी जिला प्रशासन और लोगों के बीच मतभेद हो गया है। नामसमझी से मामला बढ़ता गया जिससे समाज ही नहीं शहर की बदनामी होने जा रही थी। शहर के विभिन्न समुदाय के लोगों ने सहमति से काम करने का फैसला लिया और जिला उपायुक्त से मिले। यकीन दिलाया गया कि कानूनी तौर पर काम किया जा रहा है। यहां समुदाय के लोग पिछले दो दशक से कार्यक्रम करते आए हैं। उन्होंने कहा कि फैसला लिया गया है कि कि कानून के खिलाफ कुछ नहीं करेंगे। डीसी ने भरोसा दिलाया कि यदि मंदिर निर्माण के लिए जगह नहीं मिलेगी तो जगह भी दिलाई जाएगी, साथ ही एक लाख की सहायता भी दी जाएगी। उन्होंने इसके लिए जिला उपायुक्त का आभार जताया है।
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