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किसानाें ने किया धरना प्रदर्शन
Updated Sun, 11 Jun 2017 01:23 AM IST
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कठुआ। मंदसौर में किसानों पर गोली चलाने की घटना के विरोध में जिला कठुआ के किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर किसान तरीक ने मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरने के दौरान जोरदार नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि आज सरकारें किसानों और मजदूरों के खिलाफ हैं। ऐसे में सभी को एकजुट होकर सरकार की नीतियों का विरोध करना होगा।
धरने में शामिल जिला प्रधान सेवा राम, मोहिंद्र सिंह, रमेश चंद्र, हरबंस लाल, लाल चंद आदि ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों पर गोली चलाकर साबित किया है भाजपा किसानों की हितैषी नहीं है। चुनाव से पूर्व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के वादे करने वाले आज उस रिपोर्ट के लिए प्रदर्शन करने वाले किसानों पर गोली चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकार पूंजीपतियों के साथ मिलकर किसानों और मजदूरों को मरवा रही है। उन्होंने कहा कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के बाजाय सरकार उनपर गोली चला रही है।
किसानों ने कहा कि अगर सरकार का यही रवैया है और इसी प्रकार किसानों और मजदूरों को मारना है तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि जिन पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को मारा है उनपर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। इसके साथ ही स्वामीनाथन रिपोर्ट को भी लागू किया जाए। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो आने वाले दिनों में हर राज्य के किसान सरकार का विरोध करेंगे।
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धरने में शामिल जिला प्रधान सेवा राम, मोहिंद्र सिंह, रमेश चंद्र, हरबंस लाल, लाल चंद आदि ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों पर गोली चलाकर साबित किया है भाजपा किसानों की हितैषी नहीं है। चुनाव से पूर्व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के वादे करने वाले आज उस रिपोर्ट के लिए प्रदर्शन करने वाले किसानों पर गोली चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकार पूंजीपतियों के साथ मिलकर किसानों और मजदूरों को मरवा रही है। उन्होंने कहा कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के बाजाय सरकार उनपर गोली चला रही है।
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किसानों ने कहा कि अगर सरकार का यही रवैया है और इसी प्रकार किसानों और मजदूरों को मारना है तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि जिन पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को मारा है उनपर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। इसके साथ ही स्वामीनाथन रिपोर्ट को भी लागू किया जाए। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो आने वाले दिनों में हर राज्य के किसान सरकार का विरोध करेंगे।
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