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2014: सरकार से लड़ते हुए गुजरा पूरा साल

Fri, 26 Dec 2014 07:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 26 Dec 2014 07:23 PM IST
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2014 was all about protest and hunger strike for govt employees in J&K

जम्मू संभाग के सरकारी मुलाजिमों के यह साल हड़ताल और धरना-प्रदर्शनों में गुजरा। विभिन्न सरकारी विभाग के कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किए। यहां तक कि पुलिस की लाठियां भी खाईं। इसके बावजूद ज्यादातर मांगें अधूरी ही रहीं।

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अभी तक ये कर्मचारी मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरने की चेतावनी सरकार को दे रहे हैं। वेतन विसंगतियों को दूर करने, अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने, रोका गया वेतन जारी करने सहित कई लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी सरकार के साथ संघर्ष कर रहे हैं। वर्ष 2014 की शुरुआत से ही कर्मचारियों ने संघर्ष शुरू कर दिया था।
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पीएचई विभाग में कार्यरत सीपी वर्कर्स को करीब दो वर्ष से वेतन नहीं दिया गया। इस मांग को लेकर पीएचई विभाग के कर्मचारियों ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया, भूख हड़ताल की, काम छोड़ो हड़ताल किया, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हो सकी।
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कई जिलों में नगर परिषद व नगर पालिका के अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने की मांग पर काम छोड़ों हड़ताल की गई। लोगों को कई दिन गंदगी के बीच रहना पड़ा। पीडीडी विभाग के कर्मचारियों ने भी स्थायी कर्मचारी बनाने के लिए कई दिनों तक काम छोड़ो हड़ताल की, लेकिन सबको राहत नहीं मिल सकी।

आईटी शिक्षकों ने पांच वर्ष के अस्थायी कार्यकाल को सर्विस रिकार्ड में शामिल करने को लेकर कई बार प्रदर्शन किया। जब राज्य सरकार ने इस मांग को पूरा किया तो जनरल लाइन शिक्षकों ने इसका विरोध करके प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसको लेकर अभी तक तकरार चल रही है।


स्वास्थ्य विभाग के फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर्स को एक वर्ष से वेतन नहीं मिला है। इसको लेकर भी कई बार प्रदर्शन किए हैं। 2014 में पीडब्ल्यूडी, स्थायी शिक्षक व अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी कई बार सड़कों पर उतर प्रदर्शन किए हैं।

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